MP Headlines

25 यज्ञ वेदियो में 74 यजमान दम्पत्तियो के द्वारा  हुई चतुर्वेदिवसीय यज्ञ की पूर्णाहुति

वेद स्वाध्याय व यज्ञ जीवन का अंग है – आचार्य आनंद पुरुषार्थी

रतलाम/धामनोद। आर्य समाज धामनोद व सैलाना के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित चार दिवसीय वेद कथा के अंतिम दिन के कार्यक्रम में वैदिक प्रवक्ता के रूप में नर्मदापुरम् से पधारे अन्तर्राष्ट्रीय मूर्धन्य वैदिक विद्वान् आचार्य आनन्द जी पुरुषार्थी  जी ने वेदकथा कार्यक्रम व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष आहुतियों के साथ 74 यजमानों का सामूहिक यज्ञ सम्पन्न करवाया व उपदेश में कहा कि प्रत्येक गृहस्थी को प्रतिदिन संध्या यज्ञ व स्वाध्याय अवश्य करना चाहिए ।

हम भारतीयो के जीवन में संस्कारो का बड़ा महत्व है! ऋषियों ने 16 संस्कारों का विधान किया। वास्तव में ये 16 संस्कार  नवागत संतान को श्रेष्ठ सांचे में ढालकर उसे सुसंस्कृत बनाने की एक प्रक्रिया का नाम है । इन 16 संस्कारों के माध्यम से शरीर , मन , बुद्धि और आत्मा के सुसंस्कृत हो जाने से धर्म , अर्थ , काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है और श्रेष्ठ संतान के निर्माण के माध्यम से समाज व राष्ट्र का भी उत्तमता से निर्माण होता है । आज संपूर्ण संसार केवल इसीलिए दुखी है कि उसने भारत की इस संस्कार प्रणाली को अपनाने से बहुत दूरी बना ली है।

इस श्रेष्ठ प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए हमारे ऋषि पूर्वजों ने जिन 16 संस्कारों का विधान किया है , उनके नाम इस प्रकार हैं :– 1. गर्भाधान, 2. पुंसवन, 3. सीमन्तोन्नयन, 4. जातकर्म, 5. नामकरण, 6. निष्क्रमण, 7. अन्नप्राशन, 8. चूड़ाकर्म, 9. कर्णवेध, 10. उपनयन, 11. वेदारम्भ, 12. समावर्तन, 13. विवाह, 14. वानप्रस्थ, 15. संन्यास एवं 16. अन्त्येष्टि।

साथ ही बताया कि श्रीकृष्ण जी ौऔऔप्रतिदिन यज्ञ करने वाले, वेदों के विद्वान्, महापराक्रमी, नीतिमान्, दुष्टों के दंड दाता, सज्जनों के रक्षक थे उन्हें माखन चोर, रास-रचैया, गोपियों के कपड़े चुराना ऐसे झूठे लांछन लगाकर उन्हें बदनाम नही करना चाहिए।

कार्यक्रम में बिजनौर से पधारे सुविख्यात भजनोपदेशक मान्यवर पण्डित भीष्म जी ने भी भजनों के माध्यम से बताया कि होता है सारे विश्व का कल्याण यज्ञ से, जल्दी प्रसन्न होते है भगवान यज्ञ! जो व्यक्ति स्वर्ग कामना करता है, सुख, धन, ऐश्वर्य चाहता है तो वह प्रतिदिन अपने घर मे यज्ञ करना शुरू कर दे! कथा के अंतिम दिन सैलाना, रतलाम, खाचरौद, नागदा सहित आसपास के कई श्रद्धालुओं ने इस वेद कथा के आयोजन में अपनी उपस्थित देकर पुण्य लाभ लिया।

MP Headlines
Author: MP Headlines

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *