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पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग की 2024 वर्षांत की उपलब्धियां, पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग की 100 दिवसीय कार्य योजना का सफल क्रियान्वयन

  • डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान 3.0 का 800 शहरों/कस्बों/जिला मुख्यालयों में आयोजन – 1.30 करोड़ डीएलसी, जिनमें से 39.18 लाख का चेहरा प्रमाणीकरण द्वारा डीएलसी, पेंशनभोगियों के डिजिटल सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि
  • केन्द्रीकृत पेंशन शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली पोर्टल पर केंद्र सरकार के 1.06 लाख पेंशनभोगियों की शिकायतों का निवारण
  • पेंशनभोगियों की शिकायतों के प्रभावी निवारण के लिए नीति दिशानिर्देश 2024 जारी
  • राष्ट्रीय अनुभव पुरस्कार योजना 2024 लागू की गई और राष्ट्रीय अनुभव पुरस्कार योजना 2025 अधिसूचित की गई
  • 2 पेंशन अदालतों में 330 शिकायतों का समाधान
  • केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम 2021 के अंर्तगत 9 पेंशन फॉर्मों को एकीकृत एकल पेंशन फॉर्म 6ए में विलय करके नया एकल एकीकृत पेंशन आवेदन फॉर्म 6-ए शुरू किया गया
  • 3200 पेंशनभोगियों ने फॉर्म 6 ए का उपयोग करके भविष्य पर अपने पेंशन फॉर्म जमा किए

पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) ने 2024 में पेंशनभोगियों के कल्याण को बढ़ाने, शिकायत निवारण को सुव्यवस्थित करने और पेंशन प्रक्रियाओं में डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई पहलों को लागू किया है।

  1. पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग की 100 दिवसीय कार्य योजना

पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग की 100 दिवसीय कार्ययोजना के अंतर्गत निम्नलिखित कार्य किए गए:

  • पारिवारिक पेंशनभोगियों की शिकायतों के प्रभावी निवारण के लिए एक माह तक अभियान चलाया गया इसमें 1737 पारिवारिक पेंशनभोगियों की शिकायतों का निवारण हुआ।
  • कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री की अध्यक्षता में जम्मू में 54 वीं सेवानिवृत्ति पूर्व परामर्श कार्यशाला आयोजित की गई। इसका उद्देश्य सेवानिवृत्ति प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों की सुविधा प्रदान करना था।
  • महंगाई भत्ते की दर 50 प्रतिशत तक पहुंचने पर केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति उपदान और मृत्यु उपदान की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने के निर्देश
  • अनुभव पुरस्कार योजना 2024 के अंतर्गत 5 अनुभव पुरस्कार और 7 जूरी प्रमाणपत्र प्रदान किए गए
  1. डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) अभियान 3.0
  • डीएलसी अभियान 3.0 भारत में पेंशनभोगियों के कल्याण में सुधार के लिए 1 नवंबर से 30 नवंबर, 2024 तक आयोजित किया गया। यह अब तक का सबसे बड़ा अभियान था जिसमें देश भर के 800 शहरों/कस्बों में 1950 शिविरों और 1100 नोडल अधिकारियों के साथ 1.30 करोड़ डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) बनाए गए।
  • 39.18 लाख डीएलसी चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक का उपयोग करके बनाए गए जो कि डीएलसी 2.0 अभियान की तुलना में 200 गुना अधिक है। यह विशेष रूप से फीके फिंगरप्रिंट वाले बुजुर्ग पेंशनभोगियों, गतिशीलता संबंधी चुनौतियों का सामना करने वाले दिव्यांग व्यक्तियों और ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनभोगियों के लिए फायदेमंद साबित हुआ।
  • 80 वर्ष और उससे अधिक आयु के पेंशनभोगियों द्वारा 8 लाख डीएलसी जमा किए गए, भारतीय स्टेट बैंक द्वारा 11 लाख डीएलसी, आईपीपीबी द्वारा 7.5 लाख डीएलसी और पंजाब नेशनल बैंक द्वारा 2.75 लाख डीएलसी बनाए गए।

  1. पेंशनभोगियों की शिकायतों का निवारण:
  • 90 मंत्रालयों और विभागों के पेंशनभोगियों के 1.06 लाख से अधिक शिकायतों का समाधान किया गया जिनमें 21,860 पारिवारिक पेंशन के मामले और 9,818 अति वरिष्ठ पेंशनभोगियों के मामले शामिल थे।
  • शिकायतों के निपटारे में लगने वाला औसत समय 36 दिन (2018) से घटकर 26 दिन (2024) हो गया है। केवल 0.54% शिकायतें ही छह महीने से ज़्यादा समय तक लंबित हैं।

4. केन्द्रीकृत पेंशन शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली पोर्टल में सुधार:

  • शिकायतों पर मासिक रिपोर्ट, शिकायत निवारण में प्रदर्शन के आधार पर मंत्रालयों/विभागों की रैंकिंग शुरू की गई।
  • नई सुविधाओं में शिकायतों को उनके स्रोत (ऑनलाइन, डाक या कॉल सेंटर) के आधार पर ट्रैक करना और समाधान के लिए औसत निपटान समय शामिल है।

5. पारिवारिक पेंशन शिकायतों के लिए विशेष अभियान:

  • जुलाई 2024 में एक महीने के अभियान में 1,891 शिकायतों के समाधान पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें 1,769 मामलों को संबोधित करके 94% सफलता दर हासिल की गई।
  • इस अभियान के दौरान जटिल मामलों, जैसे कि नाबालिगों या आश्रित बेटियों से जुड़े मामलों को सफलतापूर्वक सुलझाया गया।

6. रक्षा पेंशनभोगियों के लिए सीजीडीए के साथ समन्वय:

  • रक्षा लेखा महानियंत्रक (सीजीडीए) के साथ सक्रिय सहयोग के परिणामस्वरूप जनवरी 2024 में 7,810 शिकायतों का समाधान किया गया जबकि दिसंबर 2023 में यह संख्या 4,288 थी।

7. पेंशन अदालतें

  • 2024 में दो पेंशन अदालतें आयोजित की गईं जिनमें से एक अदालत अति वरिष्ठ पेंशनभोगियों के लिए थी।
  • कुल 403 शिकायतों में से 330 शिकायतों का तत्काल निपटारा कर दिया गया।
  • 2017 में इस पहल की शुरूआत के बाद से, 11 पेंशन अदालतें आयोजित की जा चुकी हैं जिनमें शिकायत समाधान में 70% से अधिक सफलता दर हासिल हुई है।

8. राष्ट्रीय अनुभव पुरस्कार योजना: सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों का सम्मान

7 वीं राष्ट्रीय अनुभव पुरस्कार योजना 2024 में सेवानिवृत्त होने वाले 15 अधिकारियों को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रंशसा पत्र दिए गए। इनमें से 33% महिलाओं को दिए गए- जो योजना में अब तक सबसे अधिक प्रतिशत है।

9. अनुभव पुरस्कार विजेता स्पीक वेबिनार:

-पुरस्कार विजेताओं और प्रमुख सेवानिवृत्त हस्तियों की एक मासिक श्रृंखला ने अपना 19 वां संस्करण पूरा किया।

-13 मंत्रालयों के वक्ताओं ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपने अनुभव साझा करने के लिए प्रेरित किया।

पेंशन प्रक्रियाओं का एकीकरण

10. नया पेंशन आवेदन फॉर्म:

– भविष्य और ई-एचआरएमएस के अंर्गगत एक एकल सरलीकृत फॉर्म (फॉर्म 6-ए) पेश किया गया। इसने नौ पुराने फॉर्मों की जगह ली है।

– 2024 में 3,200 से अधिक सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों ने इस डिजिटल प्रक्रिया का उपयोग किया।

11. सीजीएचएस के साथ एकीकरण:

– मार्च 2025 तक सीजीएचएस आवेदन प्रक्रिया को भविष्य से जोड़ दिया जाएगा जिससे सेवानिवृत्त लोगों को सेवानिवृत्ति के पहले दिन से लाभ प्राप्त करने की सुविधा मिल सकेगी।

12. बैंकों के साथ एकीकरण

– भविष्य के साथ दो नए बैंकों- सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया। को एकीकृत किया गया।

जागरूकता कार्यक्रम और आउटरीच

13. बैंकर जागरूकता कार्यक्रम:

– पेंशन नियमों और प्रक्रियाओं पर फील्ड बैंकरों को शिक्षित करने के लिए कार्यशालाएं आयोजित की गई।

– अहमदाबाद में और विभिन्न पेंशन-वितरण करने वाली बैंकों के साथ वर्चुअल कार्यक्रम आयोजित किए गए।

14. सेवानिवृत्ति पूर्व परामर्श (पीआरसी) कार्यशालाएं:

– अहमदाबाद, जम्मू और दिल्ली में आयोजित कार्यशालाओं में पेंशन लाभ, डीएलसी जमा करने और निवेश विकल्प जैसे विषयों को कवर करके 1,840 से अधिक सेवानिवृत्त अधिकारियों को लाभ हुआ।

15. पेंशनभोगी कल्याण संघों के साथ बैठकें:

– पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) की पहलों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे शहरों में छह आउटरीच बैठकें आयोजित की गईं।

उपदान और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली निरीक्षण तंत्र में सुधार

16. उपदान सीमा बढ़ाना:

– केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए अधिकतम उपदान सीमा 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है। यह 1 जनवरी 2024 से लागू हो गई है।

– विशेष अभियान के द्वारा उपदान के लंबित मामले 1,051 से घटकर 75 हो गए।

17. राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के कार्यान्वयन की निगरानी:

– राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली पर संबंधित अधिकारियों के लिए चार कार्यशालाएं आयोजित की गईं। इनमें 400 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया।

– मंत्रालयों और विभागों द्वारा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के कार्यान्वयन पर नज़र रखने के लिए एक ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म आरम्भ किया गया।

लंबित मामलों को कम करने के प्रयास

18. ई- पेंशन भुगतान आदेश के लंबित मामलों में कमी:

– इलेक्ट्रॉनिक पेंशन भुगतान आदेश (ई-पीपीओ) के लंबित मामलों को कम करने के प्रयासों से इन मामलों में 42% की कमी आई है। अब लंबित मामले 1,849 से घटकर 776 हो गए है।

शासन और शिकायत निवारण तंत्र

19. पेंशन शिकायतों पर राष्ट्रीय कार्यशाला:

– सुशासन सप्ताह के दौरान आयोजित इस कार्यशाला में शिकायतों के बेहतर वर्गीकरण और फीडबैक तंत्र सहित केन्द्रीकृत पेंशन शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली की पहलों पर जोर दिया गया।

20. अंतर-मंत्रालयी समीक्षा बैठकें (आईएमआरएम):

– मासिक समीक्षाओं ने शिकायत निवारण दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया और शिकायतों के समय से पहले या संक्षिप्त निपटान को हतोत्साहित किया।

21. केन्द्रीकृत पेंशन शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली के आउटरीच अभियान:

– पेंशनभोगियों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए 500 से अधिक सफलता की कहानियाँ और 70 लाख एसएमएस अलर्ट साझा किए गए।

अन्य प्रमुख पहल

22. पेंशन संबंधी निर्देशों का सारांश:

– मंत्रालयों और विभागों के आसान संदर्भ के लिए परिपत्रों के दो सार संग्रह प्रकाशित किए गए।

23. पेंशन नियमों का एकीकरण:

– प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए रेलवे पेंशन नियमों और अखिल भारतीय सेवा पेंशन नियमों को केंद्रीय सिविल सेवा पेंशन नियमों के साथ विलय करने के प्रस्तावों पर चर्चा की गई।

24. लैंगिक समानता पर कार्यशालाएँ:

– यौन उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम (पॉश) के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए दिसंबर 2024 में एक कार्यशाला आयोजित की गई।

25. हिंदी पखवाड़ा समारोह:

– कविता, अनुवाद और निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। इनमें 60 प्रतिभागियों ने भाग लिया। विभाग के कर्मचारियों द्वारा लिखित कविताओं का संग्रह “सोपान” भी जारी किया गया।

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Author: MP Headlines

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