नवीन आचार्य शिक्षण वर्ग अंग्रेजी स्पोकन वर्ग15 अप्रैल 2025 से 21 अप्रैल 2025 तक सरस्वती शिशु मंदिर सैलाना में संचालित

सैलाना। रतनपुरी ग्राम भारतीय शिक्षा समिति जिला रतलाम द्वारा संचालित नवीन आचार्य शिक्षण वर्ग अंग्रेजी स्पोकन वर्ग जो दिनांक 15 अप्रैल 2025 से 21 अप्रैल 2025 तक सरस्वती शिशु मंदिर सैलाना में संचालित हो रहा है। उसके द्वितीय दिवस का वंदना सत्र  संपन्न हुआ। 

कार्यक्रम में अतिथि के रूप में योगाचार्य हरीश कुमार श्रीवास्तव (आगर,मालवा) सदस्य मध्यप्रदेश योग आयोग और योग शिक्षा के अखिल भारतीय सह संयोजक हरिवल्लाभ शर्मा (कोषाध्यक्ष,ग्राम भारती रतलाम) मांगीलाल  खराड़ी (सह सचिव, ग्राम भारती रतलाम) एवम वर्ग संरक्षक कांतिलाल राठौर (संस्थापक सदस्य और पूर्व अध्यक्ष, सचिव ग्राम भारती जिला रतलाम) बंटी शर्मा (धामनोद) समाज सेवी और स्वयं सेवक, महेंद्र सिंह मंडलोई (जिला प्रमुख ग्राम भारती रतलाम), एलम सिंह मेवाड़ा(तहसील प्रमुख एवम वर्ग महाप्रबंधक), राजेंद्र सिंह  देवड़ा(वर्ग संयोजक एवम पिपलोदा संकुल प्रमुख), सुधीर  व्यास (अध्यक्ष,सैलानन शिक्षा समिति, रविराज जी राठौर (प्राचार्य,सरस्वती शिशु/विद्या मंदिर सैलाना), कनिष्क  कुमावत (वर्ग पालक एवम बाजना संकुल संयोजक) थे।

योग ही आध्यात्मिक में प्रवेश करने का द्वार है योग हम अंतर्मुखी होते हैं जिस मां कर्मा और वचन पवित्र होता है योग करने से वाणी में दम आता है और स्वास्थ्य में लाभ मिलता है।
योगाचार्य  हरीश कुमार श्रीवास्तव (आगर,मालवा) सदस्य मध्य प्रदेश योग आयोग और योग शिक्षा के अखिल भारतीय सह संयोजक ने नवीन आचार्य शिक्षण वर्ग एवम अंग्रेजी स्पोकन वर्ग के उद्घाटन सत्र में कही। आपने बताया कि मनुष्य जीवन का उद्देश्य चार पुरुषार्थ धर्म अर्थ काम और मोक्ष करने के लिए होना चाहिए धन संग्रह नहीं होना चाहिए। जीवन जीने ने लिए 3 बातों का ध्यान रखना सबसे पहले संस्कृत भाषा का ज्ञान होना चाहिए जो सूत्रात्मक भाषा है, और सभी भाषाओं की जननी है, और एक वैज्ञानिक भाषा है। दूसरी योग शिक्षा है जिसमें हमारे ऋषि मुनियों ने आंख बंद कर के ध्यान के माध्यम से आकाश माप दिया, जो  विज्ञान ना कर सका जिन्होंने आकाश गंगा 27 नक्षत्र और 9 ग्रह का पता लगा कर गणना की, और पंचांग की रचना कर सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण तक सटीकता से बताया। जबकि तूफान की विज्ञान संभावना बताता है। हमें गीता का पठन करना चाहिए, जिसमें योग का महत्व बताया है। योग का अर्थ है जोड़ना, जिसमें सब जुड़ता ही जुड़ता है, तथा योग की क्रिया करते हुए उनका महत्व बताया। जीवन जीने में श्वास का मुख्य भूमिका है। उसके लिए क्रिया का अभ्यास कर नासिका शुद्ध करने की विधि बताई और 10 खरब कोशिका और फेफड़े में 7 करोड़ 30 लाख  से ज्यादा छिद्र है, जिनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए योग आवश्यक है। योग करने से प्राप्त होगा।

पहला सुख निरोगी काया और घर में बच जाएगी माया और तनाव से मुक्ति मिलती है, और समय की बचत, आहारचर्या व्यवस्थित होगी।  प्रातः 5 बजे उठने से व्यक्ति के पास महीने में 2.5 दिन और वर्ष में एक महीना मिलता है जिससे वह स्वयं और राष्ट्र का कार्य कर और सामाजिक सहभोज में अलग अलग प्रकृति के विजातीय तत्व के सेवन से होने वाले नुकसान बताए, जिसने रात्रि में दही, उसके बाद कॉफी और बर्फ शामिल होते है उनसे कई बीमारियां होती है। सुबह उठकर के 4 क्रिया गर्दन की करना चाहिए ऊपर नीचे, घूमना, मोड़ना, झुलाना। योग से हम अंतर्मुखी होते है जिससे मन, कर्म और वचन पवित्र होता है। योग करने से वाणी में दम आता है, बाबा रामदेव का उदाहरण देते हुए उनके कुछ वचन सही सिद्ध हुए उनका वर्णन किया। 178 देशों में 21 जून 2015 से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। योग अध्यात्म में प्रवेश का द्वार है। 3 प्रतिज्ञा करना आशीर्वाद नहीं तो नाश्ता नहीं इसके लिए लव – कुश के शक्ति पद का उदाहरण दिया, योग नही तो भोजन नही, इसमें शिवाजी महाराज के गुरु सामर्थ रामदास जी के 1300 सूर्य नमस्कार का उदाहरण दिया। सेवा नहीं तो सोना नही, योग से प्राप्त ऊर्जा को सेवा में लगाना और बिना कहे समाज हित के कार्य करना, सहयोग करना भी एक योग है। 5 क्रियाओं का एक पैकेज 40-40 बार ताली, चुटकी, फेफड़े के लिए खिंचाव, हंसना आदि विषय पर विस्तृत संवाद के माध्यम से चर्चा कर बताई। सत्र का सफल संचालन वर्ग बौद्धिक प्रमुख दिनेश पूरी गोस्वामी ने किया।

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Author: MP Headlines

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