पांच दिवसीय जयंत ज्ञानोपासना कन्या शिविर का समापन समारोह- धार्मिक आयोजन से संस्कारो का बीजारोपण होता है -चेतन्य कश्यप

रतलाम, 27 अप्रैल। पुण्य सम्राट श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी म.सा.के पट्टधर गच्छाधिपति श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी म.सा. एवं आचार्य श्रीमदविजय जयरत्न सूरीश्वर जी मसा की शिष्या साध्वीजी श्री शाश्वतप्रिया श्रीजी म.सा. की निश्रा में श्री जयंत ज्ञानोपासना कन्या शिविर हुआ। त्रिस्तुतिक श्री संघ, श्री जयंतसेन धाम चेतन्य काश्यप श्वेताम्बर जैन तीर्थ पेढ़ी व परिषद परिवार द्वारा आयोजित इस शिविर का समापन रविवार को संघ के राष्ट्रीय परामर्शदाता और कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इस दौरान प्रदेश संघ अध्यक्ष सुरेश तांतेड़, परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश छाजेड, संघ अध्यक्ष सुशील छाजेड, सचिव राजकमल दुग्गड, परिषद अध्यक्ष दीपक खेडावाला मंचासीन रहे। अतिथियों ने राजेंद्र सूरी जी म.सा.  के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर समारोह का शुभारम्भ किया।

साध्वी जी द्वारा मंगलाचरण के पश्चात शिविर में शामिल कन्याओ द्वारा भक्ति नृत्य प्रस्तुत किया गया। शिविरार्थियो ने शिविर के अनुभव भी सांझा किए। मंत्री श्री काश्यप ने इस मौके पर कहा कि आज के दौर मे ऐसे धार्मिक आयोजन से संस्कारों का बीजारोपण होता है। श्री तांतेड ने कहा कि जयंत सेन धाम तीर्थ में पुण्य सम्राट की ऊर्जा एवं अणु आज भी है, जो कन्याओ में धर्म का प्रभाव जाग्रत करता है। श्री छाजेड़ ने कहा कि श्री संघ और परिषद को ऐसे आयोजन करते रहना चाहिए। साध्वी जी ने आशीर्वचन में कहा कि अगर शिविर से एक भी दीक्षार्थी बन कर निकलता है, तो शिविर की सफलता 100% मानी जाएगी।

पांच दिवसीय शिविर की शिविरर्थीयों को इस अवसर पर प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार के साथ सभी को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किये गए। समापन अवसर पर रतलाम के समस्त जैन श्री संघ के अध्यक्ष/सचिव त्रिस्तुतीक श्री संघ, नवयुवक परिषद, महिला परिषद, बहु परिषद, तरुण परिषद, रत्नराज मण्डल एवं जयंत सेन धाम के समस्त पदाधिकारीगण व सदस्य गण व समाज जन उपस्थित थे। कार्यक्रम पश्चात सकल त्रिस्तुतीक श्री संघ एवं आमंत्रित अतिथियों का स्वामी वात्सल्य भी हुआ। अंत में आभार संघ सचिव राजकमल दुग्गड ने माना।

MP Headlines
Author: MP Headlines

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp