मामला अडवाणीया पंचमुखी आश्रम हनुमान मंदिर में असामाजिक तत्वों द्वारा संत पर हमला व धमकी देने का
रतलाम। रतलाम जिले के सैलाना के समीप ग्राम अडवाणीया स्थित पंचमुखी आश्रम हनुमान मंदिर में 13 जुलाई 2025 की मध्यरात्रि को हुए संत पर हमले और धमकी की घटना ने स्थानीय ग्रामीणों और हिंदू समाज में व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया है। इस सनसनीखेज मामले में असामाजिक तत्वों द्वारा मंदिर के सेवादारों और पूजनीय संत आनंद गिरि जी महाराज को जान से मारने की धमकी दी गई, जिसे ग्रामीणों ने सुनियोजित हमला करार दिया है।
इस घटना के विरोध में सर्व हिंदू समाज, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और विभिन्न संत-महंतों के नेतृत्व में 22 जुलाई 2025 को रतलाम में एक विशाल प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
घटनाक्रम की जानकारी
मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 13 जुलाई 2025 की मध्य रात्रि करीब 1:00 बजे कुछ असामाजिक तत्वों ने मंदिर परिसर में घुसकर मंदिर के सेवादारों और संत आनंद गिरि जी महाराज को धमकी दी। ग्रामीणों का आरोप है कि यह हमला संत आनंद गिरि जी की हत्या का सुनियोजित प्रयास था। इस घटना ने क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों और हिंदू संगठनों का कहना है कि यह हमला न केवल मंदिर की पवित्रता पर हमला है, बल्कि हिंदू समाज की आस्था और संतों के सम्मान पर भी प्रहार है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए संत आनंद गिरि जी महाराज के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एकजुट होकर सैलाना थाना प्रभारी सुरेश गडरिया को लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और मंदिर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई। हालांकि, 22 जुलाई तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी हुई, जिससे ग्रामीणों और हिंदू समाज का आक्रोश और बढ़ गया।
22 जुलाई को रतलाम में विशाल प्रदर्शन
इस घटना के विरोध में सर्व हिंदू समाज, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और विभिन्न संत-महंतों ने एकजुट होकर 22 जुलाई 2025 को रतलाम में प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने का ऐलान किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रमुख संतों और महंतों ने हिस्सा लिया।
प्रदर्शन में शामिल हुए संत
- दंडी स्वामी आत्मानंद जी सरस्वती (श्री गोरी मठ)
- परम पूज्य स्वामी श्री 1008 महामंडलेश्वर देव स्वरूपानंद जी (अखंड ज्ञान आश्रम)
- परम पूज्य स्वामी संस्कार ऋषि गुरुदेव दिनेश जी व्यास
- परम पूज्य स्वामी योगेश नाथ जी महाराजस्वामी
- पूज्य लक्ष्मण दास जी त्यागी महाराजस्वामी
- परम पूजनीय अरुण दास (मुख्यानंद जी आश्रम)
- महंत राम राजेश्वरी (मुनि), पंचायती बड़ा अखाड़ा
- महामंडलेश्वर काजल देवी
- स्वामी गिरिराज महाराज, जूना अखाड़ापरम
- पूज्य स्वामी सुजानंद जी महाराज
- परम पूजनीय प्रभु आनंद जी महाराज
- परम पूजनीय शाश्वता नंद जी महाराज
- स्वामी विनयतानंद जी महाराज
- आचार्य श्री पूजनीय संजय मिश्रा
- आचार्य श्री पूजनीय सौरभ दीक्षित
इनके साथ-साथ विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के सभी पदाधिकारियों ने भी इस प्रदर्शन में सक्रिय भागीदारी निभाई।
प्रदर्शन और ज्ञापन का विवरण एकत्रीकरण:
कालिका माता मंदिर, कलेक्टर कार्यालय, सर्व हिंदू समाज और संत-महंतों ने संत आनंद गिरि जी महाराज के सम्मान में एकजुटता दिखाई और मंदिर पर हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि दोषियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए, प्राथमिकी दर्ज की जाए, और मंदिर की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन रतलाम के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) राकेश खाखा, एडीएम अनिल भाना, और डीएसपी अजय सारवान को सौंपा गया। इस दौरान रतलाम के समस्त थाना प्रभारी अपने दल के साथ मुस्तैद रहे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
ग्रामीणों और हिंदू समाज की मांगें
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ग्रामीणों और हिंदू संगठनों ने मांग की है कि हमलावरों की पहचान कर उनकी तत्काल गिरफ्तारी की जाए
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मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी उपाय करने की मांग
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हिंदू समाज ने संतों के सम्मान और उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने की अपील की।
अडवाणीया पंचमुखी आश्रम हनुमान मंदिर क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां हजारों श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। इस मंदिर पर हमला न केवल धार्मिक स्थल की पवित्रता पर प्रहार है, बल्कि स्थानीय समुदाय की भावनाओं को भी आहत करता है।
संत आनंद गिरि जी महाराज इस क्षेत्र में सामाजिक और धार्मिक कार्यों के लिए जाने जाते हैं, और उनके खिलाफ धमकी ने पूरे हिंदू समाज को एकजुट कर दिया है।
प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपे जाने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करने का आश्वासन दिया है। यह घटना न केवल सैलाना और रतलाम के लिए, बल्कि पूरे देश में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और संतों के सम्मान के मुद्दे को फिर से चर्चा में ला रही है। सर्व हिंदू समाज और संत-महंतों का यह प्रदर्शन एकजुटता और आस्था की रक्षा का प्रतीक बन गया है। प्रशासन से अपेक्षा है कि वह इस मामले में त्वरित और कठोर कार्रवाई करेगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

Author: MP Headlines



