रतलाम। वर्तमान समय में सभी शासकीय कार्यों को ऑनलाईन करने के लिये शासन अपना पूरा जोर लगा रहा है चाहे वो किसी भी विभाग की बात की जाये। उसी श्रंखला में राजस्व विभाग भी समय समय पर नये नये सॉफ्टवेयर व एप्प ला रहा है। जो कि बिना किसी पूर्व सूचना के रातों रात लागू कर दिये जाते हैं। चुंकि राजस्व विभाग में समस्त भूमि संबंधी कार्य होते हैं एवं वो रिकार्ड अन्य सभी विभागों जैसे कृषि विभाग या रजिस्ट्रार कार्यालय या बैंक ऋण या केसीसी सभी जगह उपयोग में लाया जाता है। इन सॉफ्टवेयरों, एप्प में आने वाली समस्याओं का सबसे ज्यादा नुक्सान कृषकों को उठाना पड़ रहा है।

शासन द्वारा लागू किये गये नये वेब जीआईएस 2.0 सॉफ्टवेयर में अनेक तकनीकी विसंगतियां उत्पन्न हो गयी है । जिस कारण पटवारी अपना कार्य नहीं कर पा रहे हैं एवं किसान परेशान होकर सी एम हेल्पलाईन या अन्य शिकायत कर रहा है जिसका कोई निराकरण नहीं हो पा रहा है। इन्हीं सब तकनीकि व व्यावहारिक विसंगतियों के संबंध में प्रांतीय पटवारी संघ रतलाम शाखा द्वारा राजस्व मंत्री व आयुक्त भू-संसाधन विभाग(पूर्व नाम आयुक्त भू अभिलेख) के नाम ज्ञापन कलेक्टर महोदय के माध्यम से दिया गया। उक्त ज्ञापन रतलाम शहर नायब तहसीलदार पिंकी साठे को दिया गया
ज्ञापन में कहा गया कि वेब जीआईएस 2.0 में बिना किसी अभिमत के नये अव्यावहारिक परिवर्तन कर दिये गये हैं ना ही कोई ट्रेंनिग दी गयी । कई परिवर्तन मप्र भू राजस्व संहिता एवं भू अभिलेख नियमावली अंतर्गत भी नहीं है।
- मुख्य समस्याएं-
1. सभी खातेदारों से ओटीपी लेने की समस्या
2. 5 डेसिमल से भी छोटे नक्शे काटने की बाध्यता
3. खाता विलय करने हेतु भी तहसीलदार की अनुमति
4. भू अर्जन में शासकीय भूमि में नाम पिता का नाम दर्ज करना
5. खसरा पुन: लाने हेतु भी नियमानुरूप कार्य नहीं
6. साईबर तहसील से प्राप्त प्रकरणों की कोई जानकारी पटवारी के पास उपलब्ध न होना
7. तकनीकी त्रुटि वाले प्रकरणों का 4-6 महिने से निराकरण न होना
8. खाते में एक ही नाम दो बार प्रदर्शित होना
9. खसरे की E KYC में सभी खातेदारों की E KYC एक साथ होना आवश्यक
इस ज्ञापन में जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पाटीदार, सचिव दीपक राठोड, दयाराम गुर्जर, भूपेंद्र चावड़ा, भागीरथ गोदा, रमेश सोलंकी, गोविन्द व्यास, गौरव बारिया, सहित जिले भर से आये पटवारियों बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

Author: MP Headlines



