सकरावदा संकुल केंद्र के शिक्षकों ने e-अटेंडेंस के असुरक्षित ऐप का किया विरोध, प्राचार्य को सौंपा ज्ञापन

सैलाना। सकरावदा सैलाना तहसील अंतर्गत सकरावदा संकुल केंद्र में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने आज e-अटेंडेंस के माध्यम से उपस्थिति दर्ज न करने संबंधी आवेदन पत्र संकुल प्राचार्य महोदय श्री रमेश चंद डोडियार को सौंपा। यह कदम राज्य सरकार द्वारा अनिवार्य किए गए डिजिटल उपस्थिति ऐप की असुरक्षा और तकनीकी कमियों के खिलाफ एकजुट विरोध का हिस्सा है, जो पूरे प्रदेश में शिक्षक संगठनों के बीच बढ़ती नाराजगी को दर्शाता है।

शिक्षकों ने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा द्वारा पूर्व में विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के आधार पर शिक्षक साथियों के साथ हुई धोखाधड़ी और आर्थिक फ्रॉड की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए, यदि इस असुरक्षित ऐप के कारण उनके साथ भी कोई अनुचित घटना घटित होती है, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन होगा? उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश का हर शिक्षक शासन के आदेशों का पालन करने को तत्पर है, लेकिन केवल उपस्थिति दर्ज करने के लिए दबावपूर्वक इस असुरक्षित ऐप का उपयोग करवाना न्यायसंगत नहीं है।

यह विरोध हाल ही में विदिशा जिले में e-अटेंडेंस घोटाले के बाद और तेज हो गया है, जहां तीन शिक्षकों को फर्जी उपस्थिति दर्ज करने के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया था। इस अवसर पर डॉ. राकेश शर्मा ने e-अटेंडेंस ऐप की तकनीकी कमियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ऐप में बार-बार होने वाली तकनीकी खराबियां, नेटवर्क समस्याएं और डेटा सुरक्षा की कमी शिक्षकों को परेशान कर रही हैं। इंदौर जिले में हाल ही में ‘शिक्षक ऐप’ की लगातार खराबी के कारण शिक्षकों को उपस्थिति दर्ज करने में कठिनाई हुई, जिससे उनके वेतन कटौती की आशंका बढ़ गई।

इसी क्रम में नरेंद्र सिंह जाट ने प्रशासन द्वारा प्रतिदिन नए-नए ऐप लॉन्च करने और शिक्षकों पर तानाशाहीपूर्ण तरीके से डाउनलोड करवाने की प्रवृत्ति पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि ये ऐप शिक्षकों को उनकी मूल जिम्मेदारी—शिक्षा प्रदान करने—से दूर कर रहे हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की कमी ऐसी व्यवस्था को अव्यावहारिक बना देती है।

रामचंद्र मईड ने भी शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार केवल शिक्षकों को निशाना बना रही है, जबकि अन्य सरकारी विभागों में ऐसी सख्ती क्यों नहीं? छिंदवाड़ा और उज्जैन जैसे जिलों में भी e-अटेंडेंस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं, जहां शिक्षकों ने इसे ‘सौतेला व्यवहार’ करार दिया।

यह प्रदर्शन राज्य कर्मचारी संघ शाखा सैलाना के तहसील अध्यक्ष डॉ. राकेश राज शर्मा के आह्वान पर आयोजित किया गया। समस्त शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर ज्ञापन सौंपा, जिसमें मध्य प्रदेश शिक्षक महासंघ के जिला महामंत्री नरेंद्र सिंह जाट, रामचंद्र मईड, पंकज कुशवाहा, जगदीश चंद्र पांचाल, नितिन कुमार वर्मा, भारत लाल दवे, अर्पिता त्रिवेदी, तारा परमार, सरिता मोहनिया, सुनीता राठौर, रकमचंद निनामा, पवन कुमार प्रजापत, लालू बोरिया, ईश्वर लाल मालवीय, कांतिलाल भावर, बलराम मईड, चंपालाल परमार, राम सिंह गुर्जर, देवीलाल पाटीदार, नानालाल पाटीदार, अनिल पाठक, सुनील कसेरा, कमल परिहार, दिलीप कुमार श्रीवास्तव, विद्या सोनावा, कचरुदास बैरागी, निशांत शर्मा, आशीष राव, राजेंद्र थावलिया, दशरथ साल्वी, सेवाराम यादव, अश्विन अवस्थी, शैलेंद्र चौहान, भेरू सिंह राठौड़, संतोष गंगवाल, मनोज राठौर, नरसिंह मुनिया, अमृतलाल मालवीय, विष्णु कुवंर राठौर, मदन चौधरी, अशोक परमार, राधेश्याम जाजोरिया, कन्हैया लाल पाटीदार आदि शिक्षक साथी उपस्थित थे।

MP Headlines
Author: MP Headlines

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