सैलाना (रतलाम)। शासकीय सांदीपनि उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सैलाना में आज शिक्षकों ने E-अटेंडेंस प्रणाली के विरोध में प्राचार्य श्री वीरेंद्र मिंडा को ज्ञापन सौंपा।
शिक्षकों ने ज्ञापन में बताया कि कि म.प्र. शासन के द्वारा संस्थाओं में ई-अटेन्डेन्स से उपस्थिति अनिवार्य की गई है। इसके लिए समस्त शिक्षकगण तैयार हैं
शिक्षकों के विरोध का कारण
- इस एप के माध्यम से सभी कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक होरही है।
- वर्तमान में कई जगह साईबर धोखाधडी की घटनायें हो रही है।
- जिससे आने वाले समय में अधिकतर कर्मचारी साईबर धोखाधडी के शिकार हो सकते है।
- इस एप के द्वारा उपयोगकर्ता के द्वारा मोबाईल की फोटो गेलेरी सहित समस्त जानकारी का अनुमति मांगी जारही है जिससे शिक्षकों के निजता के अधिकारों का हनन होरहा है।
- कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधडी या अन्य कोई घटना होती है तो कौन जिम्मेदार होगा ?
शिक्षकों का कहना है कि E-अटेंडेंस व्यवस्था तकनीकी दृष्टि से अव्यवहारिक है और विद्यालयीन कार्यों में बाधा उत्पन्न करती है। शिक्षकों ने अपनी समस्याएँ विस्तार से रखते हुए इस व्यवस्था को समाप्त करने अथवा उसमें सुधार करने की मांग रखी।
शिक्षकों व्दारा ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि इस मोबाईल एप के स्थान पर कार्यालय में ही कर्मचारियों की उपस्थित दर्ज करने के लिए कोई इलेक्ट्रानिक उपकरण लगा दिया जाय या हम सबको किसी भी धोखधडी न होने के लिए लिखित में आश्वस्त करें। इस आश्वासन के अभाव में हम सभी ई-अटेन्डेन्स का सामूहिक विरोध करते है।
ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से श्री मानसिंह डामर, श्रीमती जय श्री शर्मा, श्री हेमन्त व्यास, डॉ. अर्जुन सिंह पंवार, श्री दिलीप जैन, श्री लोकेन्द्र गेहलोत, श्री तुलसीराम मालवीय, श्री विक्रम राठौर, श्री विक्रम आंजना, श्री भूपेश श्रीवास, श्री रुद्रेश देराश्री, श्री राघवेंद्र राव, श्रीमती सीमा शर्मा, श्रीमती रीता गुप्ता, श्रीमती अभिधा सोलंकी, श्रीमती माया चारेल तथा श्रीमती बबिता परमार सहित अनेक शिक्षक-शिक्षिकाएँ उपस्थित रहे।
इस अवसर पर प्राचार्य श्री मिंडा ने आश्वस्त किया कि शिक्षकों की समस्याओं औ को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँचाया जाएगा।ज्ञापन का वाचन मानसिंह डामर ने किया।
Author: MP Headlines


















