सैलाना/रतलाम। रतलाम जिले में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने विकासखंड स्तर पर समीक्षा के सख्त निर्देश जारी किए हैं। इस पहल से जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद की जा रही है।
कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के नेतृत्व में जिला प्रशासन स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत चल रही सभी प्रमुख योजनाओं जैसे आयुष्मान भारत टीकाकरण अभियान मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम मलेरिया नियंत्रण और अन्य केंद्रीय-राज्य स्तरीय पहलों की समीक्षा प्रत्येक विकासखंड में की जाएगी। इस समीक्षा का मुख्य फोकस योजनाओं के लक्ष्य प्राप्ति लाभार्थियों की संख्या चुनौतियों और सुधार के उपायों पर होगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. संध्या बेलसरे ने बताया कि कलेक्टर के निर्देशानुसार रतलाम जिले के सभी पांच विकासखंडों रतलाम, सैलाना, जावरा, आलोट और मंदसौर में स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा शीघ्र शुरू हो जाएगी। डॉ. बेलसरे ने कहा यह समीक्षा जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करेगी। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी लाभार्थी वंचित न रहे और योजनाओं का पूर्ण लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि समीक्षा के दौरान डेटा क्वालिटी स्टाफ की उपलब्धता और उपकरणों की कार्यक्षमता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
रतलाम जिला जो के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में स्थित है स्वास्थ्य चुनौतियों से जूझता रहा है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां डॉक्टरों की कमी और दूरस्थता के कारण सेवाएं प्रभावित होती हैं। हाल के वर्षों में कोविड-19 महामारी के बाद स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने कई कदम उठाए हैं, जिनमें पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन और मोबाइल मेडिकल यूनिट्स शामिल हैं। कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह जो एक आईएएस अधिकारी हैं। पिछले कुछ महीनों में स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई है। अक्टूबर में उन्होंने जिला चिकित्सालय का दौरा कर ओपीडी सेवाओं और डेटा प्रबंधन में सुधार के निर्देश दिए थे।
समीक्षा प्रक्रिया में जिला स्वास्थ्य अधिकारी, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर और एनजीओ प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इससे न केवल कमजोरियों का पता चलेगा, बल्कि तत्काल सुधारात्मक कदम भी उठाए जा सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी नियमित समीक्षाएं स्वास्थ्य संकेतकों जैसे शिशु मृत्यु दर और टीकाकरण कवरेज में सुधार ला सकती हैं।
जिला प्रशासन ने स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिए हैं कि वे समीक्षा से पहले सभी रिकॉर्ड अपडेट रखें और लाभार्थी सूचियां सत्यापित करें। यह कदम राज्य सरकार की स्वास्थ्य मिशन के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य 2025 तक समग्र स्वास्थ्य कवरेज सुनिश्चित करना है।
Author: MP Headlines

















