सैलाना। रतलाम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने हाल ही में प्रदेश के 33 जिलों में जिला प्रभारियों की संशोधित सूची जारी की है, जिसमें रतलाम शहर के कांग्रेस नेता शैलेंद्र सिंह अठाना को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपते हुए झाबुआ जिले की पेटलावद विधानसभा का प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति संगठन के भीतर युवा नेतृत्व, सक्रिय कार्यशैली और अनुभव को प्राथमिकता देने की नीति का प्रमाण है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि एवं संगठन में योगदान शैलेंद्र सिंह अठाना रतलाम शहर में कांग्रेस संगठन के मजबूत स्तंभ के रूप में चर्चित रहे हैं। पूर्व में उन्होंने शहर कांग्रेस के कार्यवाहक अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सफलता के साथ निभाई, जहां संगठन की समग्र गतिविधियों में उन्होंने उल्लेखनीय समन्वय तथा नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। उनका संपूर्ण राजनीतिक सफर कार्यकुशलता, जन-संपर्क और सामाजिक मुद्दों की गहरी समझ से संपन्न रहा है। उनकी पहचान न सिर्फ एक जुझारू कार्यकर्ता के रूप में है, बल्कि एक ऐसे नेता के तौर पर भी है, जिसकी सोच संगठन को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रही है।
*युवा नेतृत्व को पहचान प्रदेश कांग्रेस* द्वारा अठाना को झाबुआ जिले की पेटलावद विधानसभा का प्रभारी नियुक्त करना विक्रांत भूरिया के करीबी और युवाओं के प्रति भरोसे के, संगठन के भीतर युवा नेतृत्व के प्रति भरोसे का बड़ा प्रमाण है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है, जब पार्टी नई ऊर्जा, नवाचार और जोश की तलाश में है। यह जिम्मेदारी उन्हें उनकी पिछली उपलब्धियों, नेतृत्व कौशल और क्षेत्र में लगातार सक्रियता को देखते हुए सौंपी गई है। पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार, अठाना का अनुभव और दृष्टिकोण पेटलावद विधानसभा क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगा।
कार्यशैली और दृष्टिकोण कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच अठाना की कार्यशैली की सराहना होती रही है। वे हर स्तर पर समन्वय, पारदर्शिता और प्रत्यक्ष संवाद पर विश्वास रखते हैं। उनका मानना है कि संगठन की मजबूती के लिए हर कार्यकर्ता के सुझाव और प्रयासों को महत्व देना चाहिए। यही वजह है कि उनकी नियुक्ति के साथ ही क्षेत्रीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में नए जोश का संचार हुआ है।
आगामी संगठनात्मक चुनौतियाँ झाबुआ की पेटलावद विधानसभा आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी है, जहां कांग्रेस के संगठन को और ज्यादा मजबूती देने की आवश्यकता है। अठाना के अनुभव और ऊर्जा से न सिर्फ स्थानीय समस्याओं के समाधान की दिशा में गति मिलेगी, बल्कि संगठन का जनाधार विस्तार भी होगा। उनकी नियुक्ति को लेकर राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि वे अपनी कार्यशैली और नेतृत्व क्षमता से क्षेत्रीय राजनीति में एक नई ऊर्जा का संचार करेंगे।
Author: MP Headlines


















