सैलाना/रतलाम। नगर परिषद धामनोद एवं सैलाना की सीमा के मध्य मुख्य मार्ग पर सड़क विभाग द्वारा लगाए गए विद्युत पोल की लाइटें 9 वर्षों से चालू नहीं हो पाईं। इसका मुख्य कारण दोनों परिषदों की सीमाओं का विवाद बताया जा रहा है। सैलाना नगर परिषद ने अपनी सीमा के साथ ही धामनोद नगर परिषद की सीमा में भी पोल लगाकर विद्युत व्यवस्था कर दी है, लेकिन कनेक्शन नहीं किया है। विधुत कनेक्शन का जिम्मा धामनोद नगर परिषद के भरोसे ही छोड़ रखा है।
वहीं धामनोद परिषद ने अपनी सीमा में सैलाना परिषद व्दारा लगाए गए पोलों का कनेक्शन नहीं जोड़ा है। दोनों नगर परिषद् की सीमा की लड़ाई में मुख्य मार्ग पर अंधेरा रहने के कारण दुर्घटना और चोरी की आशंका बनी हुई है।
नगर परिषद सैलाना के वार्ड क्रमांक 2 की पार्षद सलोनी मांडोत ने इस संबंध में रतलाम कलेक्टर को पत्र सौंपा। इसमें बताया कि 2017 में नगर के आंतरिक मार्ग निर्माण के दौरान सड़क विभाग ने राहगीरों को अंधेरे से निजात दिलाने के लिए पोल लगाए थे। पोलों के साथ केबल और एलईडी लाइट भी धामनोद नगर परिषद को सुपुर्द कर दिए गए थे। ये पोल गोधुलिया तालाब से धामनोद बायपास चौराहा तक लगे हुए हैं। मांडोत ने कहा कि धामनोद परिषद अपनी सीमा में होने के बावजूद इन पोलों का चालू नहीं कर पा रही है, जिससे राहगीरों को अंधेरे में गुजरना पड़ता है। इस मार्ग पर प्राचीन सगस बावजी का मंदिर भी स्थित है। यहां दर्शकों की अच्छी संख्या रहती है। उन्होंने कलेक्टर से बंद पड़ी विद्युत सेवा तुरंत चालू करने की मांग की।
परियोजना अधिकारी (शहरी विकास) अरुण पाठक ने बताया कि धामनोद परिषद अपनी सीमा क्षेत्र के स्ट्रीट लाइट के विद्युतकरण की जिम्मेदारी खुद ही निभाती है। उन्होंने कहा कि सीएमओ से प्रतिवेदन मंगवाकर समस्या का निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा।
Author: MP Headlines

















