शैक्षिक भ्रमण पर गये विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक स्थल चित्तौड़गढ़ देखा, लक्षमण झूले का भी खूब लिया आनंद

नीमच। शा मा वि देवरी खवासा के विद्यार्थियों ने सोमवार को चित्तौड़गढ़ देखा। शिक्षक शैलेन्द्र जोशी ने बच्चों को ऐतिहासिक जानकारी देते हुए बताया कि चित्तौड़गढ़ भारत के सबसे बड़े किलों में से एक है। यह शौर्य, त्याग, वीरताऔर बलिदान के लिए प्रसिद्ध है।

बच्चों ने यहाँ विजय स्तंभ, पद्मिनी महल, जोहर स्थल, मीरा मंदिर, कालिका मंदिर, राणा कुम्भा महल और गोमुख कुंड आदि देखे।तत्पश्चात  धार्मिक स्थल मात्रिकुंडिया गए। शिक्षक ईश्वरलाल प्रजापति ने बताया कि ये मेवाड़ का तीर्थ है। यहां बच्चों ने अनेक मंदिर देखे, साथ ही यहाँ का 52 गेट वाला डेम (भोपाल सागर) भी देखा। यहाँ बच्चो ने लक्ष्मण झूले बहुत ही आनंद लिया। फिर शनि महाराज मंदिर और सावरियांजी के दर्शन किये। प्रधानाध्यापक श्रीमती प्रियंका देवड़ा ने बताया कि बच्चों की इच्छा और पालकों की सहमति से ये भ्रमण कार्यक्रम हुआ है। एक दिवसीय यात्रा की पालकों ने बहुत प्रशंसा की वहीं विद्यार्थियों ने खूब लुफ्त उठाया।

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Author: MP Headlines

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