जिला परिवहन अधिकारी को वाहनों के पंजीयन के सरलीकरण के लिए सौंपा मांगपत्र

सैलाना। सैलाना नगर के सामाजिक कार्यकर्ता इंद्रेश चंडालिया ने जिला परिवहन अधिकारी जगदीश बिल्लौरे से मुलाकात कर उज्जैन और ग्वालियर में आयोजित होने वाले वाहन मेलों से खरीदे जाने वाले वाहनों के पंजीयन अपने अपने गृह जिलों में ही किए जाने की नीति बनाए जाने की मांग की हैं।

बिल्लौरे को सौंपे मांगपत्र में चंडालिया ने पंजीयन प्रक्रिया को सरलीकरण बनाने की मांग करते हुए कहा कि इससे रतलाम जिले सहित पूरे प्रदेश के सभी जिलों के बड़ी तादाद में वाहन के खरीददार राहत महसूस करेंगे। बिल्लौरे ने ये समस्या शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया और अपने स्तर पर हर सम्भव कार्यवाही की बात कही।

ये हैं मांगपत्र में
चंडालिया ने मांगपत्र में लिखा कि विगत कई वर्षों से प्रदेश के प्रमुख नगर उज्जैन और ग्वालियर में वाहन मेले आयोजित होते हैं। इनमें प्रदेश के विभिन्न जिलों के हजारों नागरिक वाहन खरीदते हैं। ये वाहन खरीदने का सुविधाजनक और लाभकारी माध्यम हैं। दरअसल वर्तमान में मेले से खरीदे जाने वाले वाहनों का पंजीयन उसी जिले में होता हैं जहां से वाहन खरीदे जाते हैं। इस व्यवस्था से कई समस्याएं पैदा होती हैं

ये समस्याएं आती हैं

चंडालिया ने परिवहन विभाग का ध्यान आकर्षित कराते हुए पत्र में कहा कि खरीदे गए जिले के बाद भी वाहन मालिक को अपने जिले में वाहन का जिला स्थानांतरण अनिवार्य रूप से कराना होता हैं। इस पूरी प्रक्रिया में समय, धन और दस्तावेजों की अतिरिक्त औपचारिकताओं का सामना करना पड़ता हैं। साथ ही कई बार यह प्रक्रिया महीनों तक लंबित रहती हैं, जिससे वाहन मालिकों को अनावश्यक असुविधा होती हैं। ग्रह जिले में परिवहन कार्यालय में वाहन का सीधा पंजीयन न होने से डेटा समन्वय और रिकॉर्ड प्रबन्धन में भी जटिलताएं उत्पन होती हैं। कई बार चेकिंग के दौरान उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान होना पड़ता हैं।

ये हो सकता हैं,समाधान
चंडालिया ने मांगपत्र में परिवहन विभाग को इस बड़ी समस्या का समाधान भी सुझाया हैं। उन्होंने लिखा कि प्रदेश का कोई भी व्यक्ति किसी भी जिले से कोई वाहन खरीदे तो उसे अपने गृह जिले के परिवहन कार्यालय में ही वाहन का पंजीयन कराने की सुविधा प्रदान की जाए। वाहन विक्रेता द्वारा पंजीयन हेतु आवश्यक दस्तावेज उसी समय डिजिटल रूप से खरीददार के गृह जिले के परिवहन कार्यालय को प्रेषित किए जाए। परिवहन विभाग द्वारा एक ऑनलाइन विकल्प उपलब्ध कराया जाए, जिसमें खरीददार अपने गृह जिले का चयन कर सके और पंजीयन की प्रक्रिया वहीं से संचालित हो सके।

ये लाभ होंगे, इस व्यवस्था में
चंडालिया ने इस व्यवस्था से होने वाले लाभ भी गिनाएं। उन्होंने कहा कि इससे वाहन मालिकों को जिला स्थानांतरण की प्रक्रिया से पूर्णतः मुक्ति मिलेगी। परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली अधिक सरल,पारदर्शी और आधुनिक बनेगी।दस्तावेजीकरण, समय और आर्थिक खर्च में उल्लेखनीय कमी आएगी। प्रत्येक जिले में वाहन पंजीयन आंकड़ों की सत्यता और निगरानी सुगम होगी। लोगों में सरकारी व्यवस्था के प्रति विश्वास और संतोष बढ़ेगा।

MP Headlines
Author: MP Headlines

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