सैलाना। सैलाना स्वच्छ भारत मिशन के तहत जब स्वच्छता और सुविधाओं की बात की जाती है, तो जनपद कार्यालय जैसे स्थानों पर ऐसी मूलभूत सुविधा का न होना चिंताजनक है।
बतादे कि जनपद पंचायत सैलाना परिसर में महिलाओं के लिए पृथक पेशाब घर (महिला शौचालय) की सुविधा तो है लेकिन दरवाजा टुट जाने से आम महिलाओं, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यालय में आने वाली आगंतुकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना विभिन्न कार्यों से जनपद कार्यालय पहुंचने वाली महिलाओं को बुनियादी सुविधा के अभाव में असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय महिलाओं का कहना है कि सरकारी कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर महिला शौचालय का न होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कई बार मजबूरी में महिलाओं को इधर-उधर भटकना पड़ता है, जिससे उनकी गरिमा और सुरक्षा दोनों पर सवाल खड़े होते हैं। जनपद कार्यालय में बैठकों, जनसुनवाई और योजनाओं से जुड़े कार्यों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में महिलाएं आती हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है।
इस मामले को लेकर स्थानीय नागरिकों एवं महिला समूहों ने प्रशासन से शीघ्र महिला पेशाब घर/शौचालय व्यवस्थित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत जब स्वच्छता और सुविधाओं की बात की जाती है, तो जनपद कार्यालय जैसे स्थानों पर ऐसी मूलभूत सुविधा का न होना चिंताजनक है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस ओर कब ध्यान देता है और महिलाओं को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाता है।
उल्लेखनीय बात यह है कि सैलाना जनपद की मुख्य कार्यपालन अधिकारी भी महिला हे। लेकिन इस और उनका ध्यान न जाना आश्चर्य कि बात है।
Author: MP Headlines


















