केक्टस ईको गार्डन में आयोजित हुआ दो दिवसीय अनुभूति केम्प सहजागरूकता शिविर

सैलाना/रतलाम। जिले के सैलाना वन विभाग कार्यालय के केक्टस ईको गार्डन में दो दिवसीय अनुभूति केम्प सहजागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के पहले दिन नगर का शासकीय सांदीपनि विद्यालय के 125 विद्यार्थियों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया।

गुरुवार को वनमण्डलाधिकारी अनुभा त्रिवेदी के निर्देशन में वनमण्डल रतलाम की रेंज सैलाना अंतर्गत ईको पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा संचालित अनुभूति केम्प सहजागरूकता शिविर वर्ष 2025-26 को आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रवासी पक्षियों बाघ, तेन्दूओं एवं शाकाहारी जीवों की पर्यावरण में अनिवार्यता एवं महत्वता को जाना। सांपों की प्रजातियों के बारे में विस्तृत रूप से बताया गया एवं कार्यक्रम के दौरान चित्रलेखा, मौखिक प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई। जिसके लिये उन्हे पुरस्कृत दिया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि न्यायाधीश गार्गी शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि “वन्य प्राणी और प्रकृति हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। इनके संरक्षण के बिना मानव जीवन की कल्पना अधूरी है। आज की पीढ़ी यदि पर्यावरण के प्रति जागरूक होगी, तभी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और संतुलित प्रकृति मिल सकेगी।” न्यायाधीश मोहित परसाई ने कहा कि “प्रकृति और वन्य प्राणी हमारे सह- अस्तित्व का आधार हैं। यदि हम आज उनके संरक्षण के प्रति सचेत नहीं हुए, तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।”

तहसीलदार कुलभूषण शर्मा ने बताया कि “ऐसे जागरूकता शिविरों के माध्यम से विद्यार्थियों में पर्यावरण, वन एवं वन्य प्राणियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होती है। प्रशासन का उद्देश्य है, कि नई पीढ़ी प्रकृति के संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी समझे।” उन्होंने कहा कि शासन द्वारा चलाए जा रहे पर्यावरण संरक्षण एवं वन्य जीवन जागरूकता कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की सहभागिता अत्यंत सराहनीय है और इससे समाज में भी जागरूकता का संदेश जाता है।

वन मण्डलाधिकारी अनुभा त्रिवेदी ने कहा कि “वन और वन्य प्राणी प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं। इनका संरक्षण केवल शासन या वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है।” उन्होंने विद्यार्थियों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, वन्य जीवों के प्रति करुणा और जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा दी। साथ ही कहा कि ऐसे जागरूकता शिविर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उन्हें प्रकृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल जानकारी तक सीमित न रहें, बल्कि अपने दैनिक जीवन में भी पर्यावरण संरक्षण और वन्य प्राणियों के प्रति संवेदन शीलता को अपनाएं तथा समाज में जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। गणेश मालवीय तथा विवेक सिंह राठौर द्वारा सर्प एवं प्रकृति की उपयोगिता को बताया गया एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने विचार व्यक्त किये। उप वन मण्डलाधिकारी सिता राम नरगेश एवं वन परिक्षेत्राधिकारी राधेश्याम जोशी द्वारा अनुभूति में स्कुल विद्यार्थीयों को पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन में जनसहयोग एवं जागरूकता की अनिवार्यता तथा प्रकृति से सामंजस्य एवं प्राकृतिक संसाधनों के मितव्यता पुर्वक उपयोग पर उद्बोधन दिया गया।

इस अवसर आयुष विभाग के डॉक्टर रमेश कटारा, अनील मेहता, वनरक्षक रमेश पन्नु, लखन सिंह सिसोदिया, रघुवीर सिंह चुण्डावत, रविंद्र डोडियार, लालचन्द्र मचार, तेजपाल शर्मा एवं वनरक्षक राकेश डिण्डोर, पप्पु सिंह देवडा, रवि शर्मा, महेन्द्र सिंह डोडिया, शिप्र पताप सिंह शक्तावत, धरम वीर सिंह चौधरी, जितेंद्र जटिया का विशेष योगदान रहा एवं वनपाल नारायण कटारा ने पर्यावरण एवं विधि पर उद्बोधन दिया गया। कार्यक्रम का संचालन डिप्टी रेंजर गजराज सिंह डोडियार ने किया व आभार उप वन मण्डलाधिकारी सिताराम नरगेश ने माना।

MP Headlines
Author: MP Headlines

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp