बाजना। बाजना ग्राम पंचायत की उदासीनता ने ग्रामीणों को बदहाली की ओर धकेल दिया है। यहां का एकमात्र बस स्टैंड कॉम्प्लेक्स जो बांसवाड़ा, कुशलगढ़, रतलाम, दाहोद और सूरत जैसी दूरदराज जगहों से यात्रियों का प्रमुख केंद्र है, अब जीर्ण-शीर्ण हो चुका है। यात्रियों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में भारी कष्ट झेलना पड़ रहा है। महिलाएं तो किसी तरह गुजर-बसर कर लेती हैं, लेकिन पुरुषों के लिए भी प्रवेश मुश्किल हो गया है। टूटे-फूटे दरवाजे, गंदगी से भरा फर्श और बिना मरम्मत के छतें यात्रियों की मुसीबतें बढ़ा रही हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिव विक्रम खराड़ी इस मामले पर कोई ध्यान नहीं दे रहे। कई दिनों से फोन करने पर भी वे कॉल रिसीव नहीं कर रहे, जिससे लोकल निवासी और दूर-दराज के यात्री बेहद नाराज हैं। एक स्थानीय निवासी रामलाल ने बताया,यह बस स्टैंड रोज सैकड़ों यात्री आते-जाते हैं, लेकिन पंचायत की ओर से कोई सुधार नहीं।
बारिश के मौसम में तो हालत और खराब हो जाती है। वहीं एक महिला यात्री सीता बाई बोलीं, महिलाओं के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं।
गर्मी में छाया तक नहीं मिलती। सचिव जी को जगाना होगा।
वर्तमान में कॉम्प्लेक्स में न तो शौचालय साफ हैं, न पीने का पानी उपलब्ध। जगह पर कचरा बिखरा पड़ा है और बेंचें टूट चुकी हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। पंचायत स्तर पर फंड आवंटन के बावजूद कार्यान्वयन की कमी ने इस समस्या को जन्म दिया है। यदि शीघ्र सुधार न हुए तो बड़े आंदोलन की चेतावनी दी जा रही है।
सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने भी मामले को संज्ञान में लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है ताकि आमजनों की समस्याओं का समाधान किया जा सके। बाजना अंचल के यात्री और आसपास के निवासी अब उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी पुकार सुनी जाएगी।

Author: MP Headlines





















