सैलाना। नगर के वार्ड नंबर 6 में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या को समाप्त करने के लिए नगर परिषद ने जिस गंभीरता और तत्परता का परिचय दिया, वह काबिले-तारीफ है। गुरुवार रात नल पाइपलाइन सुधार व विस्तार का कार्य बिना रुके पूरी रात चलता रहा। आमतौर पर सरकारी कार्यों में समय की ढिलाई और निगरानी की कमी देखने को मिलती है, लेकिन इस कार्य में नगर परिषद अध्यक्ष चेतन्य शुक्ला व मुख्य नगर परिषद अधिकारी मनोज शर्मा स्वयं देर रात तक मौके पर डटे रहे, जिससे प्रशासनिक संवेदनशीलता और जवाबदेही साफ झलकी।
रात के समय कार्य कराए जाने का मुख्य उद्देश्य यह था कि दिन में आम नागरिकों को आवाजाही और पानी की आपूर्ति में परेशानी न हो। अध्यक्ष शुक्ला ने कार्यस्थल पर मौजूद अधिकारियों, इंजीनियरों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पाइपलाइन की गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं होना चाहिए और लीकेज जैसी समस्याओं की पुनरावृत्ति हर हाल में रोकी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जनता की मूलभूत आवश्यकता ‘पेयजल’ है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विश्लेषणात्मक दृष्टि से देखा जाए तो यह कदम केवल एक तकनीकी कार्य नहीं, बल्कि नगर परिषद की कार्यप्रणाली में आए बदलाव का संकेत भी है। जहां पहले शिकायतों के बाद भी कार्यों में देरी होती थी, वहीं अब समस्याओं के समाधान के लिए रात-दिन एक करने की नीति अपनाई जा रही है। अध्यक्ष की स्वयं मौजूदगी से कर्मचारियों में जिम्मेदारी का भाव बढ़ा और कार्य की गति भी तेज रही।


स्थानीय नागरिकों ने भी रात में हो रहे इस कार्य को सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि यदि इसी तरह निगरानी और इच्छाशक्ति बनी रही तो सैलाना नगर की जल समस्या काफी हद तक समाप्त हो सकती है। कुल मिलाकर, वार्ड नंबर 6 में रातभर चला यह नल पाइपलाइन कार्य नगर परिषद के लिए एक परीक्षा भी था और उदाहरण भी—जिसमें प्रशासन जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरता नजर आया।


Author: MP Headlines























