रतलाम 31 जनवरी/सहायक कृषि यंत्री ने बताया कि रतलाम जिले के ग्राम जामथुन में कृषि विभाग के द्वारा 29 जनवरी को कृषक संगोष्ठी आयोजित की गई। संगोष्ठी में परियोजना संचालक (आत्मा) से श्री एन. एस. नरगेश, श्री किरार एवं श्री निनामा, कृषि विज्ञान केंद्र कालूखेड़ा से वैज्ञानिक डॉ. शीशराम जाखड़, कृषि अभियांत्रिकी विभाग से सहायक कृषि यंत्री श्री विजय मीणा एवं उपयंत्री श्री पवन गुंदारिया, कृषि विभाग से वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री बी. डोडियार एवं गांव के कृषक उपस्थित थे।
कृषक संगोष्ठी में श्री विजय मीणा द्वारा विभागीय योजनाओं एवं नरवाई प्रबंधन के संबंध में जानकारी दी गई । उन्होंने नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान और नरवाई प्रबंधन में उपयोग होने वाले यंत्रों की जानकारी किसानों को दी। श्री एन. एस. नरगेश एवं श्री किरार द्वारा जैविक खेती को बढ़ाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया तथा जीवामृत, घनामृत, बीजमृत एवं अन्य जैविक खेती में उपयोग होने वाले घटकों की जानकारी दी गई।

डॉ. शीशराम जाखड़ द्वारा किसानों को रासायनिक उर्वरक का कम और सही विधि से उपयोग करने के संबंध में जानकारी दी एवं जैविक खेती के फायदे बताते हुए जैविक खेती की जानकारी दी। श्री डोडियार द्वारा किसानों को मृदा स्वास्थ कार्ड, मृदा परीक्षण, ऊर्वरक खरीदी के ई-टोकन व्यवस्था के बारे में जानकारी दी गई। मौके पर उपस्थित सभी किसानों में संगोष्ठी से प्राप्त जानकारी को सुना तथा किसानों को कृषि के आने वाली समस्याओं को कृषि अधिकारियों से साझा किया तथा अधिकारियों द्वारा उनकी समस्याओं का निवारण किया गया।

Author: MP Headlines





















