- सरवन, रावटी और बाजना में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और सैलाना बाजना में महिला चिकित्सक की उपमुख्यमंत्री से की मांगें…
- आदिवासी अंचल सैलाना बाजना में स्वास्थ्य सेवाएं बेहाल विधायक डोडियार ने सदन में खोली पोल…
भोपाल / रतलाम। मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सैलाना (रतलाम) विधानसभा क्षेत्र से भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के विधायक कमलेश्वर डोडियार ने क्षेत्र की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने बजट में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान स्वास्थ्य मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला का ध्यान सैलाना क्षेत्र की गंभीर समस्याओं की ओर आकर्षित किया और कई अहम मांगें सदन के समक्ष रखीं।
विधायक डोडियार ने बताया कि सैलाना विधानसभा क्षेत्र के रावटी, बाजना और सरवन स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रत्येक केंद्र के अंतर्गत एक लाख से अधिक की आबादी निर्भर है। इतनी बड़ी जनसंख्या के बावजूद ये स्वास्थ्य केंद्र अभी भी प्राथमिक स्तर पर ही संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से स्थानीय जनता द्वारा लगातार ज्ञापन सौंपकर इन PHC को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में उन्नत करने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक शासन स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
डोडियार ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के अधिकांश उप-स्वास्थ्य केंद्रों पर नियमित चिकित्सक उपलब्ध नहीं रहते। कई स्थानों पर नियुक्त बॉन्डेड डॉक्टरों को भी अन्य जगहों पर अटैच कर दिया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं लगभग ठप पड़ी हैं। उन्होंने सदन को यह भी बताया कि पूरे सैलाना विधानसभा क्षेत्र में एक भी महिला चिकित्सक पदस्थ नहीं है, जिससे विशेषकर महिलाओं को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
विधायक ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि उप-स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सैलाना मुख्यालय के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जानबूझकर स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से नहीं चलाई जा रही हैं। इसके कारण मजबूरी में मरीज झोलाछाप डॉक्टरों, विशेषकर बंगाली मूल के कथित डॉक्टरों, के पास इलाज कराने जाते हैं, जिससे कई बार मरीजों की जान तक चली जाती है।
डोडियार ने स्वास्थ्य मंत्री से मांग की कि सरवन, रावटी और बाजना के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को तत्काल सामुदायिक अस्पतालों में अपग्रेड किया जाए। साथ ही सभी उप-स्वास्थ्य केंद्रों पर कम से कम एक-एक चिकित्सक की नियुक्ति की जाए और सैलाना व बाजना के मुख्य अस्पतालों में एक-एक महिला चिकित्सक को पदस्थ किया जाए।
Author: MP Headlines

















