सैलाना। ग्रीष्म ऋतु के आगमन से पहले ही आदिवासी ग्रामीण अंचल में संभावित पेयजल संकट को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। ग्रामीणों को गर्मी में पानी की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
शुक्रवार को नगर स्थित जनपद पंचायत सभागार में जिला कलेक्टर मिशा सिंह के निर्देशानुसार एवं सैलाना एसडीएम तरुण जैन के मार्गदर्शन में जनपद क्षेत्र के पंचायत सचिवों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और संकट की स्थिति से निपटने के लिए ठोस रणनीति तैयार की गई।
तहसीलदार कुलभूषण शर्मा ने बैठक में स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि क्षेत्र में कहीं भी पेयजल समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए सभी ग्राम स्तरीय कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्राप्त शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेकर समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बैठक में गांवों की वास्तविक स्थिति का फीडबैक भी लिया गया, जिसमें जल स्रोतों की स्थिति, खराब हैंडपंप और अन्य समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। तहसीलदार ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि क्षेत्र में बंद पड़े सभी हैंडपंपों को आगामी एक सप्ताह के भीतर हर हाल में चालू किया जाए, जिससे गर्मी के दौरान ग्रामीणों को राहत मिल सके।
इस दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के इंजीनियर पर्वत सिंह कटारा, जनपद इंस्पेक्टर सुन्दर खन्ना सहित सभी पंचायत सचिव उपस्थित रहे। बैठक में प्रशासन की सक्रियता से यह स्पष्ट संकेत मिला कि इस बार गर्मी में पेयजल संकट को लेकर कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।
Author: MP Headlines


















