नई दिल्ली / रतलाम। बिरसा ब्रिगेड और किसान आंदोलन के संयुक्त नेतृत्व में राजधानी दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें देशभर के किसान और आदिवासी समुदाय से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में विधायक डोडियार ने उपस्थित होकर किसान और आदिवासी समाज की साझा समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
विधायक डोडियार ने अपने संबोधन में कहा कि किसान और आदिवासी दोनों ही वर्ग आज भूमि अधिकार, जल–जंगल–जमीन, विस्थापन, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और रोजगार जैसे गंभीर मुद्दों से जूझ रहे हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक इन वर्गों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता बलराज सिंह मलिक ने कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आदिवासी और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए संवैधानिक प्रावधान मौजूद हैं, लेकिन उनका प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है। बिरसा ब्रिगेड के अध्यक्ष सतीश पेंडाम ने संगठन की ओर से आदिवासी हितों की रक्षा के लिए चलाए जा रहे अभियानों की जानकारी दी।इस अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. रतनलाल और प्रो. मंडल ने सामाजिक और शैक्षणिक दृष्टिकोण से इन मुद्दों की गंभीरता को रेखांकित किया। साथ ही हरियाणा और दिल्ली के कई किसान और आदिवासी नेता भी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. रतनलाल और प्रो. मंडल ने सामाजिक और शैक्षणिक दृष्टिकोण से इन मुद्दों की गंभीरता को रेखांकित किया। साथ ही हरियाणा और दिल्ली के कई किसान और आदिवासी नेता भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं ने एकजुट होकर किसान और आदिवासी अधिकारों के लिए संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लिया।
Author: MP Headlines


















