भील समाज ने किया शिक्षा के पुरोधा मानसिंह डामोर का गौरवपूर्ण सम्मान

रतलाम/सैलाना। भील समाज द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्याख्याता श्री मानसिंह डामोर के सेवानिवृत्ति अवसर पर भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। चंपा विहार, रतलाम में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज की विभिन्न संगठनों—आदिवासी एकता परिषद, अखिल भारतीय भील समाज, जय आदिवासी युवा संगठन, वीर एकलव्य आदिवासी सामाजिक सेवा संस्था तथा महाराणा पुंजा भील जन कल्याण संगठन—के संयुक्त तत्वावधान में उनका श्रीफल एवं पुष्पमालाओं से अभिनंदन किया गया।

श्री डामोर ने शिक्षा क्षेत्र में लगातार 42 वर्षों तक उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान कीं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शासकीय विद्यालय नलखेड़ा (जिला शाजापुर) में शिक्षक के रूप में की। इसके बाद वे शिवगढ़ में कन्या माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक रहे।

सैलाना क्षेत्र में उन्होंने बीआरसी एवं बीईओ जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर भी कार्यभार संभाला। वर्ष 2015 में व्याख्याता (भूगोल) के पद पर पदोन्नत होकर वे सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सैलाना में पदस्थ रहे, जहां से उन्होंने 31 मार्च 2026 को सेवानिवृत्ति ली।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके समर्पण, अनुशासन और शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने में दिए गए योगदान की सराहना की। समाजजनों ने उनके स्वस्थ एवं सुखद जीवन की कामना करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक मथुरालाल डामर ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में विधायक कमलेश्वर डोडियार उपस्थित रहे। विशेष रूप से बद्रीलाल कटारिया, कालू महाराज, प्राचार्य रामचंद्र मईड़ा, अकादमिक समन्वयक रामलाल निनामा, पूर्व कृषि मंडी अध्यक्ष प्रकाश भगोरा, राजेश पाटीदार, बालचंद्र डोडियार, कांतिलाल डोडियार, लक्ष्मण मईड़ा, शकुंतला डामोर, मंजीबाला मईड़ा, कालू बारोड़, दिनेश डामर, समाजसेवी सूरतलाल डामर सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।

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Author: MP Headlines

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