सैलाना। रतलाम जिले के सैलाना नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के दौरान फोटो खींचने को लेकर नर्सिंग स्टाफ और मरीज के परिजनों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। परिजनों ने नर्सों पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार नगर के जुनावास निवासी ओमप्रकाश शर्मा बुधवार रात वानर के हमले में घायल हो गए थे। घायल अवस्था में परिजन उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। इलाज के दौरान परिजनों ने मोबाइल से फोटो खींच लिया।

आरोप है कि फोटो खींचते देख वहां मौजूद दो नर्सें नाराज हो गईं और परिजनों से अभद्र व्यवहार करने लगीं। इससे मरीज के साथ आए लोग आक्रोशित हो गए। परिजनों का कहना है कि वे इलाज का रिकॉर्ड रखने के उद्देश्य से फोटो ले रहे थे, लेकिन स्टाफ ने सहयोग करने के बजाय गलत व्यवहार किया।
परिजनों ने जताई नाराजगी
घायल के परिजनों ने बताया कि मरीज दर्द से कराह रहा था और ऐसे समय में अस्पताल स्टाफ से सहयोग की अपेक्षा थी, लेकिन उन्हें बदतमीजी का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की शिकायत सीएमएचओ और एसडीएम से करने की बात भी कही गई है।
बताया जा रहा है कि बाद में डॉक्टर जितेंद्र रायकवार ने हस्तक्षेप कर मामला शांत करवाया।
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
गौरतलब है कि इससे पहले भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ के व्यवहार को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। हालांकि इस मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
क्या कहते हैं नियम
जानकारी के अनुसार अस्पताल परिसर में फोटो और वीडियो बनाने को लेकर कोई स्पष्ट केंद्रीय गाइडलाइन नहीं है। कई अस्पताल मरीज की निजता और सुरक्षा का हवाला देकर इस पर रोक लगाते हैं। वहीं कई बार परिजन इलाज का रिकॉर्ड रखने के लिए फोटो या वीडियो बना लेते हैं।
*यदि नर्सिंग स्टाफ या अस्पताल प्रशासन ने पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार कर कवरेज में बाधा डाली है, तो यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(क) के तहत प्रदत्त प्रेस की स्वतंत्रता का सीधा उल्लंघन हो सकता है।*
Author: MP Headlines












