सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर सैलाना में उच्चस्तरीय निरीक्षण, संभावित पड़ाव एवं पार्किंग व्यवस्था पर मंथन

सैलाना/रतलाम। वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध सिंहस्थ महापर्व उज्जैन की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने अभी से व्यापक स्तर पर कार्ययोजना बनाना शुरू कर दिया है। आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 की तैयारियों को लेकर कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने आज धामनोद, सैलाना बायपास, नयापुरा, नामली, सातरूंडा क्षेत्र का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं के लिए बनाये जाने वाले पडाव क्षेत्रो का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान उनके साथ एसडीएम रतलाम ग्रामीण श्री विवेक सोनकर, एसडीएम सैलाना श्री तरुण जैन, तहसीलदार रतलाम ग्रामीण श्री आशीष उपाध्याय, ई.ई. पीडब्ल्यूडी श्री चौहान, एमपीआरडीसी से श्री अमित भूरिया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

इसी क्रम में रतलाम जिले के सैलाना क्षेत्र स्थित सीएम राइज स्कूल के समीप शासकीय भूमि तथा धामनोद शीतल तीर्थ क्षेत्र का वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के दल ने विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ के दौरान राजस्थान एवं गुजरात से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए संभावित पड़ाव स्थलों, पार्किंग सुविधाओं तथा यातायात प्रबंधन की संभावनाओं का आकलन करना रहा।

जानकारी के अनुसार कलेक्टर मिशा सिंह के मार्गदर्शन में किए गए इस निरीक्षण में अधिकारियों ने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, उपलब्ध शासकीय भूमि, पहुंच मार्गों तथा आधारभूत सुविधाओं का गहन अध्ययन किया। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक सिंहस्थ के दौरान उज्जैन की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं एवं वाहनों की संख्या में अत्यधिक वृद्धि को देखते हुए वैकल्पिक पार्किंग, अस्थायी विश्राम स्थल तथा ट्रांजिट पॉइंट विकसित करने की संभावनाओं पर विशेष रूप से विचार किया जा रहा है।

निरीक्षण दल में रतलाम ग्रामीण एसडीएम विवेक सोनकर, सैलाना एसडीएम तरुण जैन, सैलाना तहसीलदार कुलभूषण शर्मा, नामली तहसीलदार आशीष उपाध्याय, पीडब्ल्यूडी एसडीओ तरुण मौर्य सहित राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) एवं एमपीआरडीसी के अधिकारी शामिल रहे। अधिकारियों ने स्थल पर पहुंचकर यातायात संचालन, पार्किंग क्षमता, सुरक्षा व्यवस्था एवं आवश्यक नागरिक सुविधाओं के विकास की संभावनाओं का सूक्ष्म परीक्षण किया।

अधिकारियों ने बताया कि उज्जैन सिंहस्थ के दौरान राजस्थान के डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर तथा गुजरात के दाहोद सहित सीमावर्ती क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन की ओर प्रस्थान करते हैं। ऐसे में सैलाना क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण ट्रांजिट एवं पड़ाव केंद्र के रूप में उभर सकता है। यदि यहां आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाता है तो श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी, वहीं यातायात दबाव को भी प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा।

निरीक्षण के दौरान एसडीओपी नीलम बघेल, राजस्व विभाग का अमला तथा पुलिस प्रशासन की ओर से एएसआई शंकर सिंह शक्तावत, आरक्षक तूफान भूरिया, पप्पू वाघेला सहित थाना बल मौजूद रहा। अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र का बारीकी से अवलोकन कर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्रशासन की यह पहल स्पष्ट संकेत देती है कि सिंहस्थ 2028 को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं यातायात की दृष्टि से सुगम बनाने के लिए रतलाम जिला प्रशासन ने समय रहते रणनीतिक तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। आगामी वर्षों में इन प्रस्तावित स्थलों के विकास से न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि सैलाना क्षेत्र की आधारभूत संरचना और क्षेत्रीय महत्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।

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Author: MP Headlines

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