सैलाना। सैलाना के रामद्वारा धाम से जुड़े श्रद्धालुओं एवं सनातनधर्मी स्थानीय नागरिकों ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के नाम तहसीलदार कुलभुषण शर्मा को एक विस्तृत आवेदन सौंपकर रामद्वारा धाम की संपत्ति, आय-व्यय और प्रबंधन में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की है।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि पूर्व महंत स्व. निर्मलरामजी महाराज के समय रामद्वारा धाम की व्यवस्था सुव्यवस्थित रूप से संचालित होती थी तथा यहां धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते थे। लेकिन वर्तमान में धाम की संपत्तियों के उपयोग, रखरखाव और आय के संबंध में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि रामद्वारा धाम की लगभग 1880 वर्गफीट संपत्ति से जुड़े भवन का कथित रूप से विवादित तरीके से विक्रय कर दिया गया। आवेदन में दावा किया गया है कि विक्रय पत्र 25 दिसंबर 2024 को पंजीकृत कराया गया और लगभग 20 लाख रुपये का लेन-देन दर्शाया गया, जबकि संपत्ति का वास्तविक बाजार मूल्य इससे कहीं अधिक बताया गया है।

आवेदन में यह भी कहा गया है कि रामद्वारा धाम परिसर में स्थित ब्रम्हलीन संत निर्मलरामजी महाराज की समाधि को नुकसान पहुंचाया गया, परिसर के स्वरूप में परिवर्तन किए गए जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। साथ ही धाम की दुकानों और अन्य स्रोतों से प्राप्त होने वाली राशि के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
शिकायतकर्ताओं ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और धार्मिक एवं सार्वजनिक संपत्ति से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा रामद्वारा धाम की संपत्तियों के संरक्षण और संचालन के लिए एक स्वतंत्र ट्रस्ट मंडल गठित करने की भी मांग की गई है।
Author: MP Headlines












