भागवत कथा से मिलता है संस्कार, सेवा और समाज निर्माण का मार्ग : प्रदीप उपाध्याय

भगवान के नाम स्मरण से होता है जीवन का उद्धार : पंडित कुलदीप गुरु

सैलाना। पुरुषोत्तम (अधिक) मास के पावन उपलक्ष्य में ओशीन परिसर में आयोजित सप्त दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस पर कथा व्यास पंडित कुलदीप गुरु भट्ट के मुखारविंद से ऋषभदेवजी चरित्र, भरतजी चरित्र, अजामिल प्रसंग एवं भक्त प्रह्लाद चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया गया।

कथा में पंडित कुलदीप गुरु ने बताया कि भगवान ऋषभदेव का जीवन त्याग, तप और आत्मकल्याण का संदेश देता है। भरतजी के चरित्र के माध्यम से उन्होंने मोह-माया से दूर रहकर प्रभु भक्ति का मार्ग अपनाने की प्रेरणा दी। अजामिल प्रसंग में भगवान के नाम स्मरण की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि सच्चे भाव से लिया गया प्रभु का नाम जीवन का उद्धार कर सकता है। वहीं भक्त प्रह्लाद के चरित्र के माध्यम से अटूट श्रद्धा, विश्वास और भक्ति की महत्ता बताई गई। माता सती चरित्र के प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

कथा के दौरान रतलाम भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय भी उपस्थित रहे। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने का माध्यम है। कथा के माध्यम से मिलने वाली शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारकर व्यक्ति समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से कथा श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ लेने का आग्रह किया।

भजनों की मधुर प्रस्तुति और भगवान के जयकारों से पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त किया। आयोजन समिति ने आगामी दिनों में भी अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा का लाभ लेने की अपील की है।

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Author: MP Headlines

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