राक्षसों को बिरयानी खिलाने से बेहतर उन्हें मार दिया जाए – स्वामी चिदम्बरानन्द सरस्वतीजी

सरकार ने हिन्दू संस्कृति और समाज का गौरव बढ़ाय – मंत्री श्री काश्यप

रतलाम /7  जून 26 / महामण्डलेश्वर स्वामी चिदम्बरानन्द सरस्वतीजी महाराज ने कहा है कि भगवान का अवतार और लीलाएं मुख्यतः धर्म संस्थापना, सज्जनों की रक्षा और आतताईयों के नाश के लिए होती है । धर्मभूमि भारत पर भगवान ने समयानुकूल अवतार लेकर धरती को धर्म और देशद्रोहियों के अत्याचारों से मुक्त किया है । युद्ध के मैदान में भगवान श्री कृष्ण ने धर्म की रक्षा का शंखनाद करते हुए अधर्मं का अंत किया ।

भगवान के गीताज्ञान से प्रेरणा लेकर आज बदलते समय में इन्ही आतताईयों के नाश के तरीके बदले है लेकिन सबसे बेहतर यही है कि देश, धर्म, संस्कृति, अखण्डता के लिए खतरा बनने वाले राक्षसों को बिरयानी खिलाने से बेहतर उन्हें मार दिया जाए । इस कार्य को आज बेहतर तरीके से अंजाम से देकर हमारी सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत की एकता-अखण्डता को चुनौती देने वालों को बक्शा नहीं जायेगा । उनका उनके ही घर में घुसकर अंत किया जायेगा ।

स्वागत – अभिनंदन – मार्गदर्शन

श्री हरिहर सेवा समिति मोहनलाल भट्ट परिवार एवं श्री कालिका माता सेवा मंडल ट्र्स्ट द्वारा पुरुषोत्तम मास के अवसर पर दयाल वाटिका सैलाना रोड पर श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ महोत्सव में स्वामीजी ने पांचवें सत्र में भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं, गोवर्धन पूजा का वर्णन किया । यंहा म.प्र. सरकार के वरिष्ठ केबिनेट मंत्री एवं श्रीहरिहर सेवा समिति रतलाम संरक्षक श्री चेतन्य काश्यप ने पूज्य स्वामीजी से आशीर्वाद प्राप्त किया । उनका आयोजन समिति अध्यक्ष मोहनलाल भट्ट परिवार द्वारा शाल – श्रीफल भेंटकर अभिनन्दन किया गया । यंहा आरडीए अध्यक्ष मनोहर पोरवाल, , समन्वय परिवार के माधव काकानी समाजसेवी निर्मल लुनिया, मुकेश जैन आदि ने स्वागत किया । आयोजन समिति के रमेश शर्मा को शुभकामनाएँ दी गई । संचालन सुनील भट्ट किया ।

माँ को सडकों पर छोड़ने का पाप किया –

स्वामीजी ने कहा भगवान ने लीलाओं के माध्यम से गो संरक्षण और संवर्धन का समाज को संदेश दिया है । गो संरक्षण भारतीय संस्कृति, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण विषय है। भारतीय परंपरा में गाय को केवल एक पशु नहीं, बल्कि पोषण, सेवा और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। धर्म और संस्कृति रक्षा के कार्यों को अकेले सरकारों के भरोसे नहीं छोड़ा जाना चाहिए । समाज की भी इस कार्य में सक्रिय सहभागिता जरूरी है । समस्या और भी तब अधिक विकट हो जाती है, जब जिन्हें अपनी माता मानकर पूजते है, उन्हें सड़कों पर भटकने के लिए छोड़ देते है ? इस बड़ा पाप और क्या होगा? मेरा विश्वास है की जिस तरह 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद अयोध्या में हिन्दू जाग्रति के चलते श्री राम मन्दिर का भव्य निर्माण हो पाया है, उसी तरह हम गो संरक्षण और संवर्धन को धर्म- अध्यात्म से जोडकर इस अभियान में सफल होंगे ।

श्री काश्यप ने सामाजिक समरसता का नई चेतना दी –

पूज्य स्वामीजी ने कहा कि मंत्री श्री काश्यप मध्यप्रदेश सरकार में महत्वपूर्ण स्थान एवं प्रभाव है । उनके दीर्धकालीन अनुभवों का मध्यप्रदेश को लाभ मिल रहा है और प्रदेश निरंतर विकास कर रहा है ।  हम सभी यह मंगल कामना करते है कि वे निरंतर आगे बढ़े । स्वामीजी ने कहा की श्री काश्यप ने विभिन्न धार्मिक और सामाजिक आयोजनों के माध्यम से रतलाम में सर्वसमाज को जोड़कर सामाजिक समरसता का नई चेतना प्रदान की है । धार में भी माता सरस्वती का प्राचीन मंदिर के हिन्दू गौरव को पुर्नस्थापित करने में भारत के प्रसिद्ध अधिवक्ता श्री हरिशंकर जैन और उनके पुत्र विष्णुशंकर जैन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है ।

स्वामीजी ने देशभर में धर्म जाग्रति की अलख जगाई  –

अपने स्वागत अभिनंदन के प्रत्युत्तर में मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि विश्व में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं प्रदेश में डॉ. मोहन यादव सरकार ने हिन्दू संस्कृति और समाज का गौरव बढ़ाया है । मुख्यमंत्रीजी ने ‘विरासत से विकास’ के संकल्प को मूर्त रूप दिया है । इसी क्रम में महाकाल लोक उज्जैन के साथ अब धार में वाग्देवी सरस्वती माता मन्दिर परिसर में सरस्वती लोक की स्थापना अभूतपूर्व कार्य है । उन्होंने कहा कि पूज्य स्वामीजी ने देशभर में धर्म और ज्ञान की अलख जगाई है । रतलाम को श्री भट्ट परिवार के माध्यम से विगत 15 वर्षो से स्वामीजी का मार्गदर्शन – आस्गिर्वाद मिल रहा है ।  मेरे परिवार को भी इस सद्कार्य में सहभागी बनने का अवसर मिला है । मेरे परिवार दारा आयोजित धार्मिक आयोजनों में श्री मोहनलाल भट्ट जी ही मुख्य यजमान रहे है । भट्ट परिवार धर्मध्वजा को थामे निरंतर आगे बढ़े, यही हमारी शुभकामनाएं है ।

MP Headlines
Author: MP Headlines

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp