संयम साधना की अमिट छाप छोड़ गईं साध्वी श्री चारूदर्शा श्रीजी म.सा., सर्वसमाज ने नम आंखों से दी भावपूर्ण विदाई

धार्मिक जयघोष के बीच निकली अंतिम पालकी यात्रा, रंग-गुलाल से सजा श्रद्धा का माहौल; जैन समाज ने विधि-विधान से किया अग्नि संस्कार

सैलाना। रतलाम जिले के सैलाना नगर में सागर समुदाय वर्तिनी परम पूज्य हेमेन्द्र जी महाराज साहब की शिष्या परम पूज्य साध्वी श्री चारूदर्शा श्रीजी म.सा. की समाधि पूर्वक कालधर्म से जैन समाज सहित सर्वसमाज में शोक की लहर है। अहमदाबाद में उपचार के दौरान साध्वी श्री ने अंतिम सांस ली। वे चातुर्मास के लिए सैलाना में विराजित थीं।

करीब आठ दिन पूर्व तबीयत बिगड़ने पर समाजजनों द्वारा स्थानीय चिकित्सकों के परामर्श से उन्हें उपचार के लिए अहमदाबाद ले जाया गया था। उपचार के दौरान उनका समाधि पूर्वक कालधर्म हो गया।

छोटा जैन मंदिर से निकली अंतिम पालकी यात्रा

कालधर्म के पश्चात सोमवार को साध्वी श्री चारूदर्शा श्रीजी म.सा. को सैलाना के छोटा जैन मंदिर में दर्शनार्थ विराजित किया गया। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उनके अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

इसके बाद दोपहर करीब 2 बजे जैन धार्मिक विधि-विधान के साथ अंतिम पालकी यात्रा निकाली गई। यात्रा में जैन समाज के साथ सर्वसमाज के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने नम आंखों से साध्वी श्री को अंतिम विदाई दी।

धार्मिक जयघोष के बीच नगर से गुजरी पालकी यात्रा

अंतिम पालकी यात्रा सैलाना नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। यात्रा के दौरान रंग-गुलाल के बीच श्रद्धा और भक्ति का अनूठा वातावरण देखने को मिला। जगह-जगह श्रद्धालु साध्वी श्री के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते नजर आए।

धार्मिक जयघोष के बीच श्रद्धालु पालकी यात्रा में शामिल रहे। वातावरण में साध्वी श्री के कालधर्म का भावुक क्षण था, वहीं जैन परंपरा के अनुरूप श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक भाव भी दिखाई दिया।

मुक्ति स्थल पर हुआ अग्नि संस्कार

अंतिम पालकी यात्रा सैलाना नगर के बाईपास स्थित मुक्ति स्थल पहुंची। यहां धार्मिक रीति-रिवाज एवं विधि-विधान के अनुसार साध्वी श्री चारूदर्शा श्रीजी म.सा. का अग्नि संस्कार संपन्न किया गया।

साध्वी श्री की संयम साधना, तप, धार्मिक सेवाओं और समाज को दिए आध्यात्मिक मार्गदर्शन को स्मरण करते हुए समाजजनों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

11 लाख 7 हजार 225 रुपए की लगी धार्मिक बोलियां

जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक श्री संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र मेहता एवं चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रियंक चंडालिया ने अंतिम पालकी यात्रा के दौरान हुई धार्मिक बोलियों की जानकारी दी।

विभिन्न धार्मिक लाभों के लिए समाजजनों द्वारा श्रद्धापूर्वक बोलियां लगाई गईं। कुल बोलियां ₹11,07,225 (ग्यारह लाख सात हजार दो सौ पच्चीस रुपए) रहीं।

प्रमुख बोलियों में—

– प्रथम वासक्षेप पूजन: ₹25,225
– आगे का दायां कंधा: ₹1,51,000
– आगे का बायां कंधा: ₹1,11,000
– पीछे का दायां कंधा: ₹72,000
– पीछे का बायां कंधा: ₹61,000
– मुख्य कलश: ₹1,08,000

सहित विभिन्न धार्मिक लाभों के लिए समाजजनों ने श्रद्धा से बोलियां लगाईं।

साध्वी श्री चारूदर्शा श्रीजी म.सा. की विदाई के दौरान सैलाना में श्रद्धा, भक्ति और भावुकता का ऐसा संगम दिखाई दिया, जिसने नगरवासियों के बीच उनकी संयम साधना और आध्यात्मिक योगदान की अमिट छाप छोड़ दी।

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Author: MP Headlines