सामूहिक पारणे का ऐतिहासिक आयोजन, करीब 200 तपस्वियों ने ग्रहण किया पारणा
सैलाना। अनुपम अनुभूति वर्षावास के अंतर्गत आचार्यश्री उमेशमुनिजी म.सा. के सुशिष्य धर्मदास गणनायक प्रवर्तक श्री जिनेंद्रमुनिजी म.सा. की आज्ञानुवर्ती पुण्य पुंज साध्वी श्री पुण्यशीलाजी म.सा. की सुशिष्या साध्वी श्री अनुपमशीलाजी म.सा., नेहप्रभाजी, चतुर्गुणाजी, प्रतिज्ञाजी, अंजलिजी, गुणज्ञाजी एवं अर्पणाजी आदि ठाणा-7 के सानिध्य में पर्वाधिराज पर्युषण पर्व के दौरान तप आराधना का क्रम जारी है।

गुरुवार तक विभिन्न श्रावक-श्राविकाओं द्वारा की जा रही तपस्या में वंदन सालेचा ओरा ने 19 उपवास, हीना अभिनव सियाल ने 16, आशी जितेंद्र संघवी ने 15, रानू सुमीत चंडालिया एवं सारिका रितेश संघवी ने 14-14, संजय संघवी एवं कु. निराली मोगरा ने 11-11, भंवरलाल राजमल संघवी एवं आरुष विजय संघवी ने 10-10, सौरभ मांडोत एवं अवि संघवी ने 8-8, अभिनव चंडालिया ने 6 तथा कु. तनू संघवी ने 5 उपवास की तपस्या की है। इनमें से कई तपस्याएं अभी गतिमान हैं।
तपस्वियों का किया बहुमान
बुधवार को स्थानीय अणु आराधना भवन में सामूहिक क्षमापना पर्व के अवसर पर श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ द्वारा तपस्या पूर्ण करने वाले तपस्वियों का ‘तप से तप की बोली’ लगाकर बहुमान किया गया।
इस अवसर पर अंशु जितेंद्र संघवी ने 13, धनसुख सुराणा ने 11, अंजय संतोष सालेचा ओरा ने 11 तथा प्रीतेश श्रेणिक लोढ़ा ने 9 उपवास की तपस्या पूर्ण की। इनके अतिरिक्त अट्ठाई तप आराधक धर्मेंद्र सरदारमल संघवी, नवनीत राजेंद्र मेहता, अंशुल श्रेणिक पीतलिया, श्रेयांश श्रेणिक पीतलिया, दीपेश महेंद्र वोरा, विनीत प्रदीप पीतलिया, मंजूबाला राजेश सियाल, कीर्ति सौरभ संघवी, मेघा अंकुश संघवी एवं सलोनी धनसुख सुराणा का भी बहुमान किया गया।
गुरुवार को प्रवचन के पश्चात 9 उपवास पूर्ण करने वाले तपस्वियों हर्षल अभय संघवी, हर्ष नितेश संघवी, संदीप सियाल, टिशा पुखराज संघवी एवं सार्थक पुखराज संघवी तथा 8 उपवास की तपस्या करने वाली पूनम राजरतनजी मोगरा का भी तप से तप की बोली लगाकर श्रीसंघ की ओर से बहुमान किया गया।
करीब 200 तपस्वियों का सामूहिक पारणा
इधर बुधवार को स्थानीय जैन धर्मशाला में सकल स्थानकवासी श्रीसंघ की ओर से सामूहिक पारणे का आयोजन किया गया। आयोजन में करीब 200 तपस्वियों ने पारणा किया। इनमें करीब 30 तेला तप के आराधक भी शामिल रहे।
अनुपम अनुभूति वर्षावास के दौरान तप आराधना को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। आयोजकों के अनुसार इस वर्षावास में अब तक करीब 100 श्रावक-श्राविकाओं के साथ छोटे बच्चों ने भी तेला तप की आराधना कर सहभागिता की है। इसके अलावा अनेक श्रद्धालुओं द्वारा गुप्त रूप से भी तपस्या की जा रही है।
Author: MP Headlines



