कलेक्टर को पत्र लिख सिंचाई का पानी रोकने संबंधी आदेश तत्काल निरस्त करने की मांग
रतलाम। धौलावाड़ डेम से रबी फसलों की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं कराने के प्रशासनिक निर्देश को लेकर सैलाना विधानसभा क्षेत्र के किसानों में नाराजगी बढ़ रही है। सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने रतलाम कलेक्टर को पत्र लिखकर उक्त आदेश को तत्काल निरस्त अथवा पुनर्विचारित करने तथा पेयजल की आवश्यकता सुरक्षित रखते हुए किसानों को गेहूं एवं चना की फसल के लिए आवश्यक सिंचाई जल उपलब्ध कराने की मांग की है।
विधायक डोडियार ने कहा कि सैलाना विधानसभा क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य है और बड़ी संख्या में छोटे एवं सीमांत किसान कृषि पर निर्भर हैं। खरीफ सीजन में पर्याप्त वर्षा नहीं होने से किसानों को पहले ही आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा है। ऐसे में रबी की फसल किसानों की आजीविका के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। धौलावाड़ डेम का पानी सिंचाई के लिए पूरी तरह रोकने से किसानों की आर्थिक स्थिति और अधिक प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने कहा कि पेयजल की आवश्यकता सर्वोच्च प्राथमिकता पर सुरक्षित रखते हुए डेम में उपलब्ध जल का वैज्ञानिक एवं वास्तविक आकलन किया जाना चाहिए। इसके बाद उपलब्ध शेष जल का ऐसी योजना के तहत वितरण किया जाए, जिससे पेयजल की व्यवस्था भी प्रभावित न हो और किसानों की रबी फसल के लिए आवश्यक सिंचाई भी सुनिश्चित हो सके।


पेसा क्षेत्र में ग्राम सभाओं को विश्वास में लेने की मांग
विधायक ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में जल एवं प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े निर्णयों में पेसा कानून की भावना के अनुरूप संबंधित ग्राम पंचायतों एवं ग्राम सभाओं को विश्वास में लिया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से इस विषय में ग्राम सभाओं की भूमिका एवं स्थानीय किसानों की वास्तविक आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखने की मांग की है।
कृषि, जल संसाधन और जनजातीय विभाग की संयुक्त बैठक की मांग
विधायक डोडियार ने कलेक्टर से कृषि, जल संसाधन एवं जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक बुलाकर धौलावाड़ डेम के जल उपयोग की तत्काल समीक्षा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बैठक में डेम में उपलब्ध पानी, पेयजल की आगामी आवश्यकता, सिंचाई की जरूरत और प्रभावित किसानों की संख्या का वस्तुनिष्ठ आकलन किया जाना चाहिए।
“किसानों की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की स्थिति”
विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कहा कि धौलावाड़ डेम से सिंचाई का पानी नहीं मिलने को लेकर क्षेत्र के किसानों में व्यापक रोष है। यदि किसानों की मांग पर समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो क्षेत्र में आंदोलन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्या का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि विवाद अथवा आंदोलन की स्थिति उत्पन्न न हो।
उन्होंने जिला प्रशासन से किसान हित एवं जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए धौलावाड़ डेम से गेहूं एवं चना की फसल के लिए आवश्यक सिंचाई जल उपलब्ध कराने, जल वितरण की व्यवहारिक व्यवस्था बनाने तथा की गई कार्रवाई से उन्हें तत्काल अवगत कराने की मांग की है।
Author: MP Headlines



