सैलाना (रतलाम)। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के दूसरे चरण के अंतर्गत जल स्रोत सेवा समागम कार्यक्रम में “सुरक्षित जल–समृद्ध कल” के संदेश के साथ ग्राम इन्द्रावल स्थित घोड़ादेव तालाब पर जल पूजन कर ग्रामीणों को जल संचय की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम में संभाग समन्वयक शिवप्रसाद मालवीय, जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय एवं ब्लॉक समन्वयक रतनलाल चरपोटा द्वारा विधिवत जल पूजन किया गया। इसके पश्चात ग्राम के चबूतरे पर जल चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व एवं जल संचय के विभिन्न उपायों की जानकारी दी गई।
संभाग समन्वयक श्री मालवीय ने अपने संबोधन में कहा कि “बिन पानी सब सून” — संत कबीरदास के इस दोहे का उल्लेख करते हुए उन्होंने जल संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने जल बचाने के तीन महत्वपूर्ण उपाय बताते हुए कहा— दौड़ते हुए पानी को चलाना, चलते हुए पानी को रेंगाना और रेंगते हुए पानी को रोकना, इसी से जल संचय संभव है।
जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय ने बताया कि जिले के प्रत्येक विकासखंड में यह अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें प्रस्फुटन समितियां, नवांकुर संस्थाएं, मेंटर एवं सीएमसीएलडीपी के छात्र सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास भी जल संरक्षण में बड़ा योगदान देते हैं।

विकासखण्ड समन्वयक रतनलाल चरपोटा ने जल संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एवं नशामुक्त समाज जैसे विषयों पर भी अपने विचार व्यक्त किए। प्रदेश मीडिया प्रभारी शैतान पटेल ने जन अभियान परिषद के कार्यों की सराहना की।
जिला पंचायत सदस्य चंदूलाल मईड़ा ने बताया कि बेडदा-कुंडा जैसे क्षेत्रों में जल संकट गहराता जा रहा है और यदि समय रहते जल संरक्षण नहीं किया गया, तो यह समस्या पूरे क्षेत्र में गंभीर रूप ले सकती है।
कार्यक्रम में विश्व कल्याण सेवा समिति सरवन के अध्यक्ष विक्रम शर्मा, भागीरथ रूरल अवेयरनेस थिंकर्स फाउंडेशन से हरीश सिलावट, बेडदा सांवरिया शिक्षण समिति से लवकुश सिंह, आदर्श सकरावदा समिति से सुरेन्द्र जाट सहित विभिन्न प्रस्फुटन समिति के सदस्य, परामर्शदाता दिनेश कुमार गहलोत, पंकज निनामा, पवन पारगी,पीरुलाल निनामा,राजु निनामा व सीएमसीएलडीपी के छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
Author: MP Headlines

















