खतरनाक पेड़ों पर चलेगा सुरक्षा अभियान: वन विभाग ने किया विस्तृत सर्वे, नगर परिषद करेगी कटाई-छंटाई की कार्रवाई

बारिश से पहले जनसुरक्षा को लेकर बड़ा कदम, वार्डवार चिन्हित हुए जर्जर वृक्ष

सैलाना। रतलाम जिले के सैलाना नगर में लगातार पेड़ों के गिरने से जन-धन की हानि और दुर्घटनाओं की आशंका को गंभीरता से लेते हुए नगर परिषद सैलाना एवं वन विभाग ने संयुक्त रूप से एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। आगामी मानसून को देखते हुए सैलाना के मुख्य नगर पालिका अधिकारी मनोज शर्मा  के पत्र के माध्य्म से अनुरोध पर वन मण्डल वन परिक्षेत्र अधिकारी सैलाना को अवगत कराने के उपरांत वन परिक्षेत्र अधिकारी के निर्देशानुसार वन विभाग के गजराजसिंह डोडिया वन परिक्षेत्र सहायक सैलाना एवं महेन्द्रसिंह डोडिया (वनरक्षक) ने निरीक्षण किया। जहाँ निरीक्षण दल ने नगर के विभिन्न वार्डों में पहुंचकर जर्जर, सूखे एवं दुर्घटना संभावित पेड़ों का व्यापक सर्वे किया।

सर्वेक्षण निरीक्षण दाल में नगर परिषद के महेश तंवर (जमादार) भी साथ थे। सर्वे के बाद वन विभाग ने अपनी तकनीकी रिपोर्ट नगर परिषद को सौंप दी है। जिसके आधार पर अब खतरनाक वृक्षों की कटाई एवं आवश्यक छंटाई का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी मनोज शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ समय से नगर के विभिन्न क्षेत्रों में पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। कई स्थानों पर पुराने, खोखले और झुके हुए वृक्ष नागरिकों के लिए खतरा बने हुए हैं। जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों द्वारा लगातार प्राप्त शिकायतों के बाद परिषद ने वन विभाग से तकनीकी निरीक्षण कराने का निर्णय लिया था।

वन विभाग ने की सूक्ष्म जांचकर
वन विभाग के अधिकारियों ने नगर के चिन्हित स्थलों का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण सर्वे किया तथा प्रत्येक वृक्ष की स्थिति का तकनीकी मूल्यांकन किया। अधिकारियों ने यह भी निर्धारित किया कि कौन से वृक्ष पूरी तरह हटाए जाने योग्य हैं, और किन वृक्षों की केवल वैज्ञानिक तरीके से छंटाई पर्याप्त होगी।
वन विभाग की टीम ने सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए वृक्षों की जड़ों, तनों एवं शाखाओं की स्थिति का परीक्षण किया। विभाग द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में कई ऐसे वृक्षों को चिन्हित किया गया है जो तेज हवा एवं भारी वर्षा के दौरान दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।

इन वार्डों में हुआ सर्वे
वन विभाग द्वारा वार्ड क्रमांक 1, 4, 5, 6, 7, 11, 12, 14 एवं 15 सहित नगर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित खतरनाक वृक्षों का निरीक्षण किया गया। बांसवाड़ा रोड, जैन धर्मशाला क्षेत्र, दयानंद गली, सनाढ्य धर्मशाला परिसर, नेहरू मार्ग, कुजण्डा गली, महात्मा गांधी मार्ग, वैद्यराज गली, उदय विहार कॉलोनी, अन्नपूर्णा माता मंदिर, अंबे माता मंदिर तथा नाग बावजी मंदिर क्षेत्र के कई वृक्षों को रिपोर्ट में शामिल किया गया है।

रिपोर्ट मिलते ही नगर परिषद हुई सक्रिय
वन विभाग द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद नगर परिषद ने संबंधित वार्डों में आवश्यक कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। परिषद द्वारा नियमानुसार चिन्हित वृक्षों की कटाई एवं छंटाई का कार्य कराया जाएगा ताकि बारिश के मौसम में किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति नुकसान की स्थिति उत्पन्न न हो।

नागरिक सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
नगर परिषद एवं वन विभाग का मानना है कि मानसून के दौरान तेज हवाओं और बारिश में कमजोर वृक्ष सबसे अधिक खतरा उत्पन्न करते हैं। इसी उद्देश्य से समय रहते सर्वेक्षण कर सुरक्षा उपायों को अमल में लाया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान केवल वृक्षों की कटाई तक सीमित नहीं है, बल्कि नगरवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

वन विभाग की त्वरित कार्यप्रणाली और तकनीकी सर्वेक्षण के चलते अब नगर के खतरनाक वृक्षों की पहचान हो चुकी है तथा नगर परिषद द्वारा शीघ्र कार्रवाई किए जाने से मानसून के दौरान संभावित दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद जताई जा रही है।

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Author: MP Headlines

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