कार में ही मिला आरती पाल का शव,
उज्जैन के रामघाट पर बुधवार सुबह 9 बजे होगा आरक्षक आरती पाल का अंतिम संस्कार
उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन में शिप्रा नदी में पुलिसकर्मियों की कार गिरने के करीबन 65 घंटे बाद आरक्षक आरती पाल का शव बड़े पुल से 70 मीटर दूर मिला। आरती पाल का शव कार में फंसा हुआ था और कार कीचड़ में धंसी हुई थी। आरक्षक आरती की खोज के लिए सोनार डिटेक्शन उपकरण का उपयोग किया गया। कार की खोज होने के बाद क्रेन के जरिए कार को नदी से बाहर निकाला गया। कटर के जरिए कार के हिस्सों को काटने के बाद आरक्षक आरती पाल के शव को बाहर निकाला जा सका। पुलिस ने शव निकलवा कर पोस्टमार्टम के लिए उज्जैन के सरकारी अस्पताल भिजवाया।बुधवार को उज्जैन के रामघाट पर बुधवार सुबह 9 बजे आरक्षक आरती पाल का अंतिम संस्कार होगा।

एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि शिप्रा नदी के बड़े पुल के नीचे से 70 मीटर दूरी पर महिला आरक्षक आरती पाल की कार कीचड़ में धंसी मिली। गोताखोर इरफान ने पुलिस से 15 मिनट का समय लिया था। इसके बाद अपने अंदाज से जहां कार गिरी थी, वहीं से गाड़ी की सर्चिग शुरु की थी। एसपी प्रदीप शर्मा ने कहा कि पहली प्राथमिकता बॉडी को सुरक्षित बाहर निकालना था।
बेटी के शव मिलने की सूचना आरती के पिता को दी गई। वो भी मौके पर पहुंच गए। उनके सामने सारी कार्रवाई की गई। वे बार-बार बेसुध हो रहे थे। मृत महिला आरक्षक आरती पाल रतलाम की थीं, उन्होंने 2013 में पुलिस सेवा ज्वॉइन की थी और परिवार की जिम्मेदार बेटी मानी जाती थीं।
स्थानीय गोताखोर मोहम्मद इरफान ने खोजी कार
शनिवार की रात को लगभग 9 बजे बड़े पुल से कार नीचे गिरी थी। नदी में अधिक पानी होने के कारण कार और उसमें सवार लोगों का पता नहीं लग पा रहा था। पुलिस के सर्चिंग अभियान के दौरान टीआई अशोक शर्मा का शव रविवार और एसआई मदनलाल निनामा का शव सोमवार को मिला था। इसके बाद गोताखोरों की टीम की तीसरी साथी महिला आरक्षक आरती पाल की तलाश में जुटी रही। इसके बाद स्थानीय गोताखोर मोहम्मद इरफान ने मंगलवार को कार को खोज निकाला।
60 से 70 मीटर की दूरी पर ही कार और महिला का शव जानकारी के अनुसार गोताखोर मोहम्मद इरफान ने जिस स्थान पर कार गिरी थी, उसी स्थान पर सर्चिंग शुरू की थी। उसने 60 से 70 मीटर की दूरी पर ही कार और महिला आरक्षक का शव खोज निकाला।मध्यप्रदेश के उज्जैन में शिप्रा नदी के बड़े पुल से शिप्रा नदी में गिरी पुलिसकर्मियों की कार व लेडी कांस्टेबल आरती पल का शव भी मिल गया है। बताया जाता है कि तीसरे दिन मंगलवार शाम नदी में जलस्तर कम होने पर पुल से करीब 70 मीटर दूर कार का ऊपरी हिस्सा दिखाई दिया। NDERF की टीम व पुलिस ने जेसीबी की मदद से कार को बाहर निकाला तो कार के8 पिछली सीट पर लेडी कांस्टेबल आरती पाल का शव पाया गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए उज्जैन के अस्पताल भिजवाया। उल्लेखनीय है कि 6 सितंबर 2025 की रात करीब 9 उज्जैन के शिप्रा नदी के बड़े पुल से एक का आड़ नियंत्रित होकर नदी में जा गिरी थी सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे थे तथा कर की तलाश की गई थी लेकिन वह नहीं मिली थी देर रात पता चला था कि कार पुलि कर्मियों है। कार में उन्हेल थाना प्रभारी अशोक शर्मा, सब इंस्पेक्टर मदनलाल निनामा व आरक्षक आरती पाल सवार थे। दूसरे दिन 7 सितंबर को सुबह NDERF , पुलिस अधिकारी, जवान व गोताखोरों की टीम पुलिसकर्मियों की खोजबीन की तो शाम अशोक शर्मा का शव पुल से करीब 3 किलोमीटर दूर भेरूगढ़ पुलिया के पास पाया गया था। पोस्टमार्टम कराकर कर शव उनके परिजन को सौंप दिया गया था। उनका अंतिम संस्कार उसी दिन शाम को उज्जैन में किया गया था। टीमें सब इंस्पेक्टर मदनलाल और लेडी कांस्टेबल आरती पाल की खोज कर रही थी। इसी बीच सब इंस्पेक्टर मदनलाल निनामा का शव 8 सितंबर की शाम करीब 4:30 बजे भेरूगढ़ पुलिया के पास ही एक स्थान पर मिला था। मदनलाल निनामा रतलाम जिले के सैलाना तहसील के ग्राम तारा घाटी के रहने वाले थे तथा उनका परिवार कई वर्षों से सैलाना नगर में रह रहा है। उनका शव मंगलवार सुबह सैलाना लाया गया तथा राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया । डीआईजी मनोज कुमार सिंह, एपी अमित कुमार सहित कई पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समाजजन ने अंतिम संस्कार में उपस्थित होकर मदनलाल निनामा को अंतिम विदाई दी।उधर , एनडीआरएफ टीम, पुलिस कार और लेडी कांस्टेबल आरती पाल की तलाश में जुटे रहे। 9 सितम्बर की शाम बड़े पुल से करीब 70 मीटर दूर एक स्थान पर कार दिखाई दी। इसके बाद जेसीबी की मशीन से कार को बाहर निकाला गया तो उसकी पिछली सीट पर लेडी कांस्टेबल आरती पाल का शव भी पाया गया । पुलिस ने शव निकलवा कर पोस्टमार्टम के लिए उज्जैन के सरकारी अस्पताल भिजवाया। आरती रतलाम की रहने वाली है।
टीआई अशोक शर्मा का शव पुल से करीब 3 किलोमीटर दूर भेरूगढ़ पुलिया के पास पाया गया था। पोस्टमार्टम कराकर कर शव उनके परिजन को सौंप दिया गया था। उनका अंतिम संस्कार उसी दिन शाम को उज्जैन में किया गया था। सब इंस्पेक्टर मदनलाल निनामा का शव 8 सितंबर की शाम करीब 4:30 बजे भेरूगढ़ पुलिया के पास ही एक स्थान पर मिला था। मदनलाल निनामा रतलाम जिले के सैलाना तहसील के ग्राम तारा घाटी के रहने वाले थे तथा उनका परिवार कई वर्षों से सैलाना नगर में रह रहा है। उनका शव मंगलवार सुबह सैलाना लाया गया तथा राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया । डीआईजी मनोज कुमार सिंह, एपी अमित कुमार सहित कई पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समाजजन ने अंतिम संस्कार में उपस्थित होकर मदनलाल निनामा को अंतिम विदाई दी।
Author: MP Headlines

















