रतलाम / सैलाना।जिला पंचायत रतलाम में विकास मद से प्राप्त बजट के उपयोग को लेकर गंभीर प्रश्न उठने लगे हैं। इसी मुद्दे को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश्वर डोडियार ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को आवेदन प्रस्तुत करते हुए पिछले तीन वित्तीय वर्षों के बजट, व्यय और लेप्स राशि का विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने की मांग की है।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) तथा जिला पंचायत स्तर पर स्वीकृत विकास कार्यों की प्रगति बेहद धीमी रही है। मीडिया व विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025–26 में मध्यप्रदेश की जिला पंचायतों को लगभग ₹7,585 करोड़ का बजट प्राप्त हुआ, परंतु केवल 4.5 प्रतिशत राशि ही खर्च की जा सकी। कई जिलों में खर्च का प्रतिशत 2–5% के बीच रहने के कारण विकास योजनाएँ प्रभावित हुई हैं।
इसी संदर्भ में डोडियार ने पूछा है कि रतलाम जिला पंचायत को वित्तीय वर्ष 2022–23, 2023–24 और 2024–25 में कितना बजट मिला, उसमें से कितनी राशि खर्च की गई और कितनी राशि अव्ययित (लेप्स) रह गई। साथ ही उन्होंने उन योजनाओं का विवरण भी मांगा है, जिनमें स्वीकृति के बावजूद कार्य लंबित हैं तथा कम व्यय के कारण क्या हैं।
डोडियार ने कहा कि यदि बजट होते हुए भी कार्य समय पर नहीं होते, तो इसका सीधा नुकसान ग्रामीण हितों और विकास को होता है। उन्होंने पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित किए जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए माँगी गई जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
Author: MP Headlines


















