गांव – गांव में गूँजा संदेश—“स्वस्थ मृदा, समृद्ध भविष्य”

विश्व मृदा दिवस पर वाग्धारा संस्था द्वारा 50 गांवों में विश्व मृदा दिवस कार्यक्रम आयोजित*

सैलाना (5 दिसंबर 2025)। वाग्धारा संस्था द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सैलाना ब्लॉक के 50 गांवों में विश्व मृदा दिवस मनाया गया। इस अवसर पर समुदाय के नेतृत्व में मिट्टी के संरक्षण और मृदा स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की गईं।

इस वर्ष विश्व मृदा दिवस की थीम “स्वस्थ मृदा—समृद्ध धरती, खुशहाल गाँव व शहर का आधार” रही। कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि मिट्टी केवल उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि एक जीवित संसाधन है, जिसका स्वास्थ्य पर्यावरण, भोजन और मानव जीवन से सीधे जुड़ा हुआ है। आधुनिक कृषि पद्धतियों, अत्यधिक रासायनिक खादों और बार-बार जुताई के कारण मिट्टी की गुणवत्ता तेजी से प्रभावित हो रही है, जिसे बचाना समय की आवश्यकता है।

माही मध्य प्रदेश यूनिट लीड धर्मेंद्र सिंह चुंडावत ने बताया कि “मृदा स्वराज का अर्थ है कि समुदाय स्वयं मिट्टी का संरक्षक बने तथा पारंपरिक ज्ञान और प्राकृतिक तरीकों से मिट्टी की उर्वरता बनाए रखे। स्वस्थ मिट्टी, स्वच्छ वायु, स्वच्छ जल और संपूर्ण जीवन के लिए आवश्यक है।”

ब्लॉक सहजकर्ता पिंकी टेलर ने कार्यक्रम के दौरान समुदाय को मिट्टी संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गईं
खेतों में मेडबंदी करें, गहरी जुताई से बचें और हल्की जुताई अपनाएँ ताकि मिट्टी की संरचना बनी रहे।
टपक व स्प्रिंकलर सिंचाई को बढ़ावा दें, जल बहाव रोकने के लिए मेडबंदी व पौधरोपण करें  स्थानीय फसलें चुनें, फसल चक्र अपनाएँ, मिश्रित खेती करें। देशी खाद का उपयोग करें l  एक मुट्ठी मिट्टी में करोड़ों सूक्ष्मजीव होते हैं। केंचुए प्रति एकड़ लगभग 15 टन मिट्टी को उपजाऊ बनाते हैं। उचित प्रबंधन से मिट्टी तीन वर्षों में जैविक बन सकती है।

युवा उद्यम समन्वयक महेंद्र कुमावत ने कहा कि मिट्टी केवल कृषि की नींव नहीं, बल्कि जल, जलवायु और जैव विविधता की संरक्षक है। इसके संरक्षण में समाज का हर व्यक्ति महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मृदा का महत्व है कि मिट्टी जीवन का आधार है। यह पौधों को सहारा देती है, पानी को संचित व स्वच्छ करती है, पोषक तत्वों का चक्र बनाए रखती है तथा कार्बन को संग्रहित कर जलवायु को नियंत्रित करती है। इसलिए मिट्टी का संरक्षण केवल किसानों की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर समुदाय द्वारा मृदा संरक्षण के लिए शपथ भी ली गई। कार्यक्रम में सामुदायिक सहजकर्ता राकेश, मनोज, दिव्या, अमृतराम, कांतिलाल सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।

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Author: MP Headlines

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