वंदे मातरम केवल गीत नहीं बल्कि स्वतंत्रता संग्राम का उद्घोष है – डा पाटीदार

शासकीय  महाविद्यालय सैलाना  में विद्यार्थियों को  वन्दे मातरम  गीत के  मूल पाठ का विशेष प्रशिक्षण

सैलाना। राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूर्ण होने के गौरवशाली अवसर पर शासकीय महाविद्यालय सैलाना में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को राष्ट्रगीत के ऐतिहासिक महत्व से अवगत कराना और उन्हें इसके मूल पाठ के शुद्ध गायन का प्रशिक्षण प्रदान करना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. पी. पाटीदार ने अपने संबोधन में कहा कि वन्दे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का उद्घोष है। उन्होंने जोर दिया कि प्रत्येक विद्यार्थी को इसके मूल स्वरूप और भावार्थ की गहरी समझ होनी चाहिए ताकि वे राष्ट्रभक्ति की भावना को आत्मसात कर सकें।

कार्यक्रम की नोडल अधिकारी प्रो. आशा राजपुरोहित के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया।  प्रो अनुभा  कानडे  व क्रीड़ा अधिकारी रक्षा यादव ने विद्यार्थियों को वन्दे मातरम् के मूल संस्कृत पाठ के सही उच्चारण और गायन का प्रशिक्षण दिया। इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ सौरभ ई लाल, डॉ अशोक रावत, राजनीति विज्ञान के विद्यार्थी व महाविद्यालय के समस्त स्टाफ व कर्मचारी उपस्थित रहेl

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Author: MP Headlines

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