एम्बुलेंस हास्पिटल परिसर में न होकर हास्पिटल से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर  रहती है खड़ी

पार्षद मांडोत ने जिला कलेक्टर को पत्र के माध्य्म से करवाया अवगत 

रतलाम/सैलाना। अनुविभाग के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की एम्बुलेंस का दुरुपयोग और अनुपस्थिति अब जनता के लिए गंभीर खतरा बन गई है। नगर परिषद की पार्षद सलोनी प्रशांत मांडोत ने जिला कलेक्टर को एक शिकायत पत्र भेजकर इसकी तत्काल जांच और सुधार की मांग की है। पत्र में खुलासा किया गया है कि शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई यह एम्बुलेंस जो दुर्घटना प्रसव और रात्रिकालीन आपात सेवाओं के लिए है अस्पताल परिसर में तय स्थान पर खड़ी होने के बजाय डेढ़ किलोमीटर दूर अन्य जगह पर पार्क रहती है। इससे मरीजों को समय पर सहायता न मिलने से जान का जोखिम बढ़ रहा है।

पार्षद मांडोत ने पत्र में कहा अत्यंत खेद के साथ अवगत कराना पड़ रहा है कि उक्त एम्बुलेंस अपने नियत स्थान पर खड़ी न होकर अस्पताल से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर अन्य स्थान पर खड़ी रहती है। इस कारण आपातकालीन परिस्थितियों में एम्बुलेंस के समय पर उपलब्ध न होने से मरीजों एवं उनके परिजनों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित स्टाफ वाहन का उपयोग निजी घरेलू कार्यों के लिए कर रहा है जो शासन की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य नीतियों के विपरीत है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के प्रसव गंभीर बीमारियों और दुर्घटनाओं में देरी से मरीजों के जीवन पर बुरा असर पड़ने की आशंका जताई गई।

सैलाना जैसे ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं पहले से ही सीमित हैं। एम्बुलेंस की अनुपस्थिति से आम जनता में असंतोष फैल रहा है और स्वास्थ्य व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि रात्रि में इमरजेंसी कॉल पर एम्बुलेंस के न पहुंचने से कई परिवारों को निजी वाहनों पर निर्भर होना पड़ता है जो महंगा और जोखिम भरा साबित होता है।

पत्र में कलेक्टर से तीन मुख्य मांगें की गई हैं विषय की तत्काल जांच एम्बुलेंस को अस्पताल परिसर में अनिवार्य रूप से खड़ा रखने के निर्देश और भविष्य में लापरवाही रोकने के लिए निगरानी तंत्र की स्थापना। मांडोत ने जोर देकर कहा आपकी शीघ्र कार्यवाही से क्षेत्र की जनता को समय पर आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त हो सकेगी।

जिला प्रशासन ने पत्र प्राप्त होने की पुष्टि की है लेकिन अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई। स्वास्थ्य विभाग को अब सख्ती बरतनी होगी ताकि जीवन रक्षक एम्बुलेंस वास्तव में सेवा का माध्यम बने।

MP Headlines
Author: MP Headlines

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp