सैलाना। सैलाना नगर में लुप्त होती साहित्यिक परंपरा को मजबूती देने के उद्देश्य से नगर के रचनाकारों ने अपने उत्कृष्ट प्रयास से काव्यांजलि काव्यगोष्ठी का आयोजन शुरू किया । इस काव्यगोष्ठी का दूसरा चरण हंस वाहिनी कॉन्वेंट स्कूल के प्रांगण में सम्पन्न हुआ।
काव्यगोष्ठी का प्रारंभ वरिष्ठ रचनाकार निरंजन कसारा, इंद्रेश चंडालिया, प्रशांत दवे, दिव्यांश पाठक ने वीणावादिनी मां शारदे की छवी के समक्ष दीप प्रज्वलन कर के किया । इसके पश्चात गरिमामय माहौल में सर्वप्रथम निरंजन कसारा ने मधुर आवाज में सरस्वती आराधना प्रस्तुत कर बेटी पर लिखी उनकी उत्कृष्ट कविता का पाठ किया।
अगले क्रम में रचनाकार इंद्रेश चंडालिया ने वर्तमान चल रहे युद्ध के परिदृश्य पर लिखी तुलनात्मक दृष्टि वाली कविता का पाठ किया। काव्यगोष्ठी के अगले क्रम में रचनाकार पियूष जैन ने मां के ऊपर लिखी भाव विहल कर देने वाली कविता का पाठ किया। इसके बाद रचनाकार दिव्यांश पाठक ने अपनी मधुर आवाज में सरस्वती स्तुति प्रस्तुत कर मंत्रमुग्ध कर दिया । काव्य पाठ के इसी क्रम में हर्षित योगी ने श्रृंगार की कविता का पाठ किया इसके पश्चात रचनाकार प्रशांत दवे द्वारा श्रृंगार में विरह के पुट से पूर्ण कविता का पाठ किया गया।
काव्यगोष्ठी में नवीन रचनाकार स्वेता अखिल राठौर ने भी अपनी रचना का मधुर आवाज में पाठ किया। काव्यांजलि काव्य गोष्ठी के इस दूसरे सोपान के अवसर पर हंसवाहिनी कॉन्वेंट स्कूल प्रबंधक श्रीमती प्रीति विनोद पाठक, संगीत शिक्षक हरिनारायण गंधर्व, बांसुरी वादक मोहनीश सांवरिया, श्रवण जोशी एवं हंसवाहिनी कॉन्वेंट स्कूल के शिक्षक शिक्षिकाएं ओर स्कूल स्टॉफ श्रोता रूप में उपस्थित रहे। काव्यगोष्ठी का संचालन प्रशांत दवे ने किया।
Author: MP Headlines


















