एक दिन पूर्व ही की थी जिला कांग्रेस अध्यक्ष गेहलोत ने छुट्टी की मांग

रतलाम। जिले में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच आखिरकार प्रशासन हरकत में तो आया, लेकिन राहत आधी-अधूरी ही दी गई। जिला शिक्षा अधिकारी अशोक लोढ़ा ने स्कूलों के समय में बदलाव करते हुए नया आदेश जारी कर दिया है।
अब जिले के सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक संचालित होंगी। वहीं शिक्षकों के लिए समय और बढ़ा दिया गया है — उन्हें अब सुबह 7:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक विद्यालय में उपस्थित रहना होगा।
प्रशासन का तर्क है कि इससे गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन सवाल ये है कि क्या सच में ऐसा होगा?

एक दिन पूर्व ही उठी थी छुट्टी की मांग…
गौरतलब है कि जिला कांग्रेस अध्यक्ष हर्षविजय गेहलोत ने एक दिन पहले ही कलेक्टर को पत्र लिखकर स्कूलों में पूर्ण अवकाश घोषित करने की मांग की थी। उनका कहना था कि भीषण गर्मी के कारण बच्चे बीमार पड़ रहे हैं और स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है।
प्रशासन के आदेश से अभिभावकों में नाराजगी
चौंकाने वाली बात यह है कि चारों ओर से उठ रही मांगों के बावजूद प्रशासन ने छुट्टी घोषित करने के बजाय सिर्फ समय में बदलाव कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली। अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों का साफ कहना है— “गर्मी अब दोपहर का इंतजार नहीं करती, सुबह से ही अपना रौद्र रूप दिखाती है।”
“12 बजे तक तो हाल बेहाल हो जाता है, ऐसे में छोटे बच्चों को स्कूल भेजना जोखिम भरा है।”
शिक्षकों पर भी बढ़ा दबाव
जहां एक ओर बच्चों का समय कम किया गया, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों का समय बढ़ाकर 7 से 1:30 बजे कर दिया गया है। इससे शिक्षकों में भी असंतोष देखने को मिल रहा है। प्रशासन के इस फैसले ने राहत से ज्यादा बहस को जन्म दे दिया है। लोगों का कहना है कि— समय बदलना समाधान नहीं भीषण गर्मी में छुट्टी ही असली राहत ।
अब देखना होगा कि बढ़ते दबाव के बीच प्रशासन अपने फैसले पर कायम रहता है या फिर बच्चों के हित में बड़ा कदम उठाता है।
Author: MP Headlines












