सकरावदा में मजदूरों से भरा वाहन हादसे का शिकार, कई घायल; ओवरलोडिंग पर फिर उठे सवाल
रतलाम/सैलाना। सैलाना क्षेत्र में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं के बीच बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया। ग्राम सकरावदा में मजदूरों से भरा एक ऑटो रिक्शा पलटने से 15 वर्षीय बालिका की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है तथा प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे ग्राम फोफिरुंडी से मजदूरों को लेकर ऑटो रिक्शा क्रमांक MP43K2267 सैलाना की ओर जा रहा था। बताया जा रहा है कि वाहन में क्षमता से कहीं अधिक, लगभग 20 से 30 मजदूर सवार थे। जब ऑटो ग्राम सकरावदा के इमली चौक स्थित पूर्व सरपंच वागजी खराड़ी के मकान के सामने मोड़ पर पहुंचा, तभी तेज रफ्तार और अत्यधिक भार के कारण चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और ऑटो पलट गया।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों को वाहन से बाहर निकाला। सूचना मिलने पर 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची तथा घायलों को सैलाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। दुर्घटना में करीब छह लोग घायल हुए हैं। इनमें से तीन घायलों को सकरावदा के निजी अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि गंभीर घायलों को सैलाना अस्पताल रेफर किया गया।
हादसे में कविता पिता सूरज खराड़ी (15) निवासी ग्राम फोफिरुंडी की दर्दनाक मौत हो गई। गंभीर अवस्था में अस्पताल लाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में डॉ. डांगी द्वारा प्राथमिक जांच के बाद डॉ. जितेंद्र रायकवार ने दोपहर करीब 10:30 बजे पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी की।
घायलों में कालीबाई पति मोहन मईड़ा (40) की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला मेडिकल कॉलेज रतलाम रेफर किया गया है। वहीं रेखा पति शंकर खराड़ी (35) का उपचार सैलाना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जारी है। अन्य घायलों को हल्की चोटें आई हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में मजदूरों को रोजाना ऑटो रिक्शा, टेंपो और ट्रेक्स जैसे छोटे वाहनों में ओवरलोड भरकर ले जाया जाता है। कई बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते सख्ती बरती जाती, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
घटना के बाद क्षेत्रवासियों ने वाहन चालक, वाहन मालिक तथा संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने से आए दिन हादसे हो रहे हैं और मासूम लोगों की जान जा रही है।
Author: MP Headlines












