देवास। मध्यप्रदेश के देवास जिले के टोंक कलां इलाके में स्थित एक पटाखा फैक्टरी में गुरूवार सुबह करीब 11:30 बजे भीषण विस्फोट हुआ। इससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के मकानों की दीवारें तक हिल गईं। लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। यह हादसा देवास के एबी रोड स्थित टोंककला में चलने वाली एक पटाखा फैक्टरी में हुआ। हादसे में धीरज, सनी और सुमित नाम के तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं।
गंभीर घायलों को किया एमवाय रैफर,
गंभीर रूप से घायल मजदूरों को इंदौर के एमवाय अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। गंभीर रूप से घायल मजदूरों को तत्काल जिला अस्पताल देवास भेजा गया। अस्पताल में इमरजेंसी व्यवस्था बढ़ा दी गई है। डॉक्टरों की अतिरिक्त टीम तैनात की गई है और कई घायलों का इलाज आईसीयू में चल रहा है। बताया गया कि सुबह करीब 11:25 बजे पहला गंभीर घायल अस्पताल पहुंचा था, जिसके बाद लगातार घायलों को लाया जाता रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोट की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। धमाके के बाद फैक्टरी से ऊंची लपटें और धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया।

मौके पर पहुंची दमकल और प्रशासन की टीम
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। करीब 8 से 10 फायर ब्रिगेड के वाहन मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया गया। राहत और बचाव कार्य तेजी से किया गया। हादसे की सूचना मिलते ही उज्जैन आईजी राकेश गुप्ता, डीआईजी नवनीत भसीन और उज्जैन कमिश्नर आशीष सिंह भी मौके पर पहुंचे।
फैक्टरी में काम कर रहे थे कई मजदूर
देवास कलेक्टर ऋतु राज ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल स्थिति पर काबू पा लिया गया है। इस हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई है। अचानक आग कैसे लगी इसकी भी जांच हो रही है।

काला धुआं उठता रहा
घटना के बाद फैक्ट्री परिसर से लगातार काला धुआं उठता रहा। आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर जमा हो गए, लेकिन लगातार हो रहे धमाकों के कारण कोई भी फैक्ट्री के करीब जाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में बारूद और तैयार पटाखे रखे हुए थे, जिसकी वजह से आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार फैक्ट्री में काम कर रहे कई श्रमिक बिहार के रहने वाले हैं। हादसे के समय फैक्ट्री में बड़ी संख्या में मजदूर मौजूद थे। विस्फोट के बाद कई लोग आग की चपेट में आ गए और कुछ मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों ने घायलों को बाहर निकालने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर दुख जताते हुए उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा समेत वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचने और जांच के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की है।

घटना के बाद ग्रामीणों ने कमिश्नर का घेराव कर आरोप लगाया कि अवैध फैक्ट्री के खिलाफ पहले कोई कार्रवाई नहीं की गई। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में करीब 400 से 500 लोग काम करते हैं। फैक्ट्री में पुरुष मजदूरों को 400 रुपये और महिला मजदूरों को ढाई सौ रुपये प्रतिदिन मजदूरी दी जाती थी। भुगतान हर हफ्ते किया जाता था।
Author: MP Headlines












