अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवीन्द्रपुरी महाराज की अध्यक्षता में होगा ऐतिहासिक आयोजन, पहली बार रतलाम बनेगा अखाड़ा परंपरा का केंद्र
सैलाना/रतलाम। मध्यप्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरा रतलाम 24 मई 2026, रविवार को एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण का साक्षी बनने जा रही है। सनातन धर्म की प्राचीन अखाड़ा परंपरा के अंतर्गत पहली बार रतलाम में भव्य “महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक समारोह” आयोजित किया जा रहा है, जिसमें सैलाना अड़वानीया के पंचमुखी हनुमान मंदिर के महंत श्री श्री 1008 महंत आनंद गिरी जी महाराज को विधिवत रूप से “महामंडलेश्वर” की उपाधि से अलंकृत किया जाएगा। यह भव्य आयोजन श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा के सान्निध्य एवं शिवोदय शिवशक्ति साधना सेवा संस्था के तत्वावधान में आयोजित होगा।

धार्मिक जगत में इस आयोजन को मालवा अंचल के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि अखाड़ा परिषद के शीर्ष संतों और नागा सन्यासियों की उपस्थिति में इस स्तर का पट्टाभिषेक समारोह रतलाम में पहली बार संपन्न होने जा रहा है।
अखाड़ा परिषद के शीर्ष संतों की मौजूदगी बढ़ाएगी आयोजन की गरिमा
समारोह की अध्यक्षता अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं 13 अखाड़ों के सर्वोच्च संत श्री श्री 1008 महंत रवीन्द्रपुरी जी महाराज करेंगे। उनके सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार, अखाड़ा परंपराओं एवं चादर विधि के माध्यम से महंत आनंद गिरी महाराज को महामंडलेश्वर की आसंदी पर विराजमान कराया जाएगा। धर्माचार्यों के अनुसार, कुंभ पर्व के अतिरिक्त किसी क्षेत्रीय नगर में इतने बड़े स्तर पर अखाड़ा परिषद की उपस्थिति में पट्टाभिषेक होना अत्यंत दुर्लभ माना जाता है। विक्रम संवत 2083 (अधिक) ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष नवमी के शुभ मुहूर्त में होने वाला यह आयोजन रतलाम को राष्ट्रीय धार्मिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा।
शाही पेशवाई से शुरू होगा दिव्य आयोजन
आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम को पारंपरिक अखाड़ा पद्धति के अनुसार तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा।भव्य राजसी पेशवाई प्रातः 9 बजे स्थानीय श्री राम मंदिर से संतों, नागा सन्यासियों, महामंडलेश्वरों और अखाड़ा प्रतिनिधियों की विशाल शाही पेशवाई निकलेगी। धर्म ध्वजाओं, पारंपरिक वाद्ययंत्रों, घोड़ों और राजसी वैभव के साथ निकलने वाली यह शोभायात्रा नगर भ्रमण करेगी। मार्ग में श्रद्धालु पुष्पवर्षा कर संतों का अभिनंदन करेंगे।
*वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होगा पट्टाभिषेक*
प्रातः 11 बजे से मुख्य समारोह श्रीजी पैलेस, बरबड़ रोड पर आयोजित होगा। यहां अखाड़ा परंपरा के अनुरूप गुप्त धार्मिक विधियों, चादर परंपरा और वैदिक अनुष्ठानों के साथ महंत आनंद गिरी जी महाराज को महामंडलेश्वर पद पर प्रतिष्ठित किया जाएगा।
विशाल संत भंडारा एवं महाप्रसादी
दोपहर 1:30 बजे से राष्ट्रीय संत भंडारा एवं महाप्रसादी का आयोजन होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण करेंगे।
देशभर के प्रतिष्ठित संत होंगे शामिल
इस ऐतिहासिक अवसर पर देशभर के प्रमुख पीठों, अखाड़ों एवं आश्रमों के संत-महात्मा रतलाम पहुंचेंगे। प्रमुख संतों में डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज, स्वामी बालकानंद गिरि महाराज, महंत रामरतन गिरि महाराज,स्वामी वैराग्यानंद गिरि जी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी देवस्वरूपानंद महाराज, परमपूज्य आत्मानंद सरस्वती महाराज, काजल गुरु जागीरदार सहित मालवा, मेवाड़ और देशभर के विभिन्न आश्रमों एवं धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
रतलाम में उत्साह, प्रशासन ने शुरू की तैयारियां
इस विराट धार्मिक आयोजन को लेकर रतलाम सहित पूरे मालवा क्षेत्र में उत्साह का वातावरण है। आयोजन समिति के कार्यकर्ता व्यापक स्तर पर तैयारियों में जुटे हुए हैं। वहीं संतों की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और पेशवाई मार्ग के सुचारू संचालन के लिए प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। समिति ने धर्मप्रेमी जनता से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक एवं अलौकिक प्रसंग के साक्षी बनें तथा संतों का आशीर्वाद प्राप्त करें।
Author: MP Headlines












