सैलाना। रतलाम जिले के सैलाना जनपद पंचायत सभाकक्ष में वनाधिकार अधिनियम के तहत लंबित दावों के निराकरण हेतु एफआरएम महाशिविर आयोजित किया गया। महाशिविर में सैलाना विकासखंड के लंबित वनाधिकार दावों की प्रकरणवार समीक्षा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक दावे का भौतिक एवं अभिलेखीय सत्यापन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए।

विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि संबंधित दावेदार 13 दिसंबर 2005 की स्थिति में संबंधित वन भूमि पर वास्तविक रूप से काबिज था या नहीं। इसके आधार पर पात्रता संबंधी विस्तृत टीप और अनुशंसा तैयार कर प्रकरण आगे भेजे जाएंगे।
बैठक में वन विभाग के मैदानी अमले को निर्देशित किया गया कि सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ वनाधिकार दावों की फाइलें निर्धारित समयसीमा में उपखंड स्तरीय वनाधिकार समिति के समक्ष प्रस्तुत की जाएं, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर वनाधिकार का लाभ मिल सके।
महाशिविर में राजस्व, वन एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों से समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण का आह्वान किया गया। अधिकारियों ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पात्र वनवासियों एवं जनजातीय समुदायों को उनके अधिकार दिलाने के लिए निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया अपनाना आवश्यक है।
जनपद पंचायत सीईओ रिया गेरा ने कहा कि शासन की प्राथमिकता के अनुरूप सभी पात्र हितग्राहियों के वनाधिकार दावों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सत्यापन कार्य पूरी गंभीरता, निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूरा करें, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही अपने अधिकार से वंचित न रहे।
शिविर में जनपद पंचायत सीईओ रिया गेरा, जनजाति कार्य विभाग के क्षेत्र संयोजक भास्कर खिंची, एईजीएम सतीश खराड़ी, वन विभाग के बीट गार्ड, संबंधित पटवारी, पंचायत सचिव एवं सहायक सचिव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
Author: MP Headlines













