निजी विद्यालय केवल परिणाम नहीं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, खेल सुविधाएं और अभिभावकों के सम्मान पर दें विशेष ध्यान
सैलाना/रतलाम, 13 जुलाई। जिला पंचायत रतलाम के सभागार में सोमवार को सैलाना एवं बाजना विकासखंड के समस्त अशासकीय (निजी) विद्यालयों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला शिक्षा समिति के अध्यक्ष एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष केसु निनामा ने की। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी), विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ), बीआरसीसी, एल.के.जी. हाई स्कूल हायर सेकेंडरी स्कूल सहित सैलाना-बाजना ब्लॉक के निजी विद्यालयों के प्राचार्य एवं संचालक उपस्थित रहे।

बैठक का आयोजन जिला शिक्षा अधिकारी रतलाम के पत्र क्रमांक मान्यता/2026/377 दिनांक 9 जुलाई 2026 के संदर्भ में किया गया। इस दौरान विद्यालयों की मान्यता, कक्षा 1 से 12वीं तक की प्रवेश प्रक्रिया, छात्र-शिक्षक अनुपात, परीक्षा परिणाम, शिक्षा की गुणवत्ता तथा उपलब्ध भौतिक एवं शैक्षणिक सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए केसु निनामा ने कहा कि निजी विद्यालय केवल परीक्षा परिणामों तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ खेलकूद, सांस्कृतिक एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाए। प्रत्येक विद्यालय में पर्याप्त खेल मैदान एवं खेल सामग्री उपलब्ध हो, ताकि विद्यार्थियों का शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर हो सके।
उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यालय द्वारा निर्धारित नियमों से अधिक शुल्क नहीं लिया जाए। शासन की गाइडलाइन के अनुरूप ही फीस निर्धारित की जाए तथा विद्यार्थियों और अभिभावकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
केसु निनामा ने विद्यालय संचालकों से कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले गरीब एवं सामान्य परिवारों के अभिभावकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। विद्यालय में आने वाले प्रत्येक अभिभावक को समान सम्मान मिले तथा किसी भी प्रकार का अभद्र व्यवहार न किया जाए। उन्होंने कहा कि अभिभावकों का सम्मान ही विद्यालय की अच्छी छवि और विश्वास का आधार होता है।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रत्येक विद्यालय से परीक्षा परिणाम, विद्यार्थियों की संख्या, उपलब्ध सुविधाओं तथा शैक्षणिक गुणवत्ता की अलग-अलग जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने शासन द्वारा निर्धारित सभी मानकों का पालन सुनिश्चित करने तथा शिक्षा के स्तर में निरंतर सुधार के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक के दौरान निजी विद्यालय संचालकों ने अपनी समस्याएं भी रखीं। उन्होंने बताया कि कई बार अभिभावक विद्यालय शुल्क का भुगतान किए बिना ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) की मांग करते हैं तथा शिक्षा विभाग में शिकायत कर देते हैं। संचालकों का कहना था कि उनकी बात सुने बिना नोटिस जारी होने से अनावश्यक दबाव की स्थिति बनती है।
इस पर केसु निनामा ने आश्वस्त किया कि भविष्य में किसी भी मामले में सभी पक्षों की बात सुनने के बाद ही निष्पक्ष जांच एवं समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग का उद्देश्य विद्यालयों को परेशान करना नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाना है।
बैठक में सैलाना, सरवन, बेड़दा, शिवगढ़, बाजना, बासिंद्रा, रावटी, रानीसिंग सहित दोनों विकासखंडों के अनेक निजी विद्यालयों की विस्तार से समीक्षा की गई। अंत में केसु निनामा ने सभी विद्यालय संचालकों से कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या आए तो तत्काल उन्हें अवगत कराएं, ताकि उसका समय पर समाधान किया जा सके।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों एवं विद्यालय प्रतिनिधियों ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने, शासन की गाइडलाइन का पालन करने तथा अभिभावकों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने का संकल्प लिया।
Author: MP Headlines















