पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

राजस्व रिकॉर्ड किए जमा; नामांतरण, सीमांकन सहित सभी राजस्व कार्य प्रभावित होने के आसार

सैलाना (रतलाम), 3 अगस्त। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर रतलाम जिले की सैलाना तहसील के समस्त पटवारियों ने सोमवार से अपनी लंबित 5 सूत्रीय मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल प्रारंभ कर दी। आंदोलन के पहले दिन सभी पटवारी तहसील कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने तहसीलदार मनीष जैन को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए अपने-अपने राजस्व अभिलेख एवं शासकीय रिकॉर्ड विधिवत जमा कर दिए। इसके साथ ही नियमित राजस्व कार्यों का पूर्ण बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन हड़ताल का औपचारिक आगाज किया गया।

पटवारी संघ ने ज्ञापन में बताया कि प्रदेश स्तर पर लंबे समय से लंबित मांगों के निराकरण के लिए पूर्व में 20 जुलाई 2026 को भी शासन के नाम ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बावजूद मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं होने से आंदोलन अब चरणबद्ध कार्यक्रम के अंतिम चरण में पहुंच गया है और पूरे मध्यप्रदेश में 3 अगस्त से अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी गई है।

संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक कोई भी पटवारी राजस्व संबंधी शासकीय कार्य नहीं करेगा। इसके चलते नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, फसल गिरदावरी, नक्शा सुधार, भू-अभिलेख संधारण सहित विभिन्न राजस्व सेवाएं प्रभावित होने की संभावना है। इसका सीधा असर किसानों एवं आम नागरिकों पर पड़ सकता है, जिन्हें अपने राजस्व संबंधी कार्यों के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।

आंदोलन का नेतृत्व प्रांताध्यक्ष उपेन्द्र सिंह बघेल, रतलाम जिला अध्यक्ष गोपाल रावत तथा तहसील अध्यक्ष भूपेन्द्र चावड़ा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के पटवारी पूरी एकजुटता के साथ आंदोलन में शामिल हैं और मांगों के समाधान तक हड़ताल जारी रहेगी।

हड़ताल के दौरान तहसील अध्यक्ष भूपेन्द्र चावड़ा, सचिव संगीता तिवारी, कोषाध्यक्ष अजय शिकारी, राजेश माना, मोहन पाटीदार, आशीष तिवारी, सुरेश उपाध्याय, सय्यद हुसैन, कमलेश तिवारी, सोहेल खान, शिवम तिवारी, कैलाश निनामा सहित सैलाना तहसील के समस्त पटवारी उपस्थित रहे।

पटवारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शासन द्वारा शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। फिलहाल सैलाना तहसील में अधिकांश राजस्व कार्य ठप होने की स्थिति बन गई है और अब लोगों की निगाहें सरकार एवं पटवारी संघ के बीच संभावित वार्ता पर टिकी हुई हैं।

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Author: MP Headlines