31 से 36 उपवास तक की कठिन आराधना पूर्ण, तपस्वियों का बहुमान कर मनाया पारणा महोत्सव
सैलाना। आचार्यश्री उमेशमुनिजी म.सा. के सुशिष्य धर्मदास गणनायक प्रवर्तक श्री जिनेंद्र मुनिजी म.सा. की आज्ञानुवर्ती पूज्या साध्वी श्री पुण्यशीलाजी म.सा. की सुशिष्या साध्वी श्री अनुपमशीलाजी म.सा., नेहप्रभाजी, चतुर्गुणाजी, प्रतिज्ञाजी, अंजलिजी, गुणज्ञाजी, अर्पणाजी आदि ठाणा-7 के सानिध्य में देवरी चौक स्थित अणु आराधना भवन में वर्षावास के दौरान तप आराधना का क्रम जारी है।

पर्युषण महापर्व से पूर्व श्रीसंघ में चल रही तपस्याओं के तहत महामृत्युंजय तप की कठिन आराधना पूर्ण करने वाले नौ तपस्वियों का पारणा महोत्सव आयोजित किया गया। तपस्वियों ने 30 से 36 उपवास तक की कठिन तपस्या पूर्ण कर धर्म आराधना का परिचय दिया।
इनमें अंकुश वर्धमान संघवी ने 31, पीयूष प्रकाशचंद सालेचा ओरा ने 33, अभिनव राजेश सियाल ने 30, मीना सुनील रांका ने 33, निलेश शैतानमल सियाल ने 30, आंचल गौरव मेहता ने 30 तथा विहार सेवक मुकेश माणकलाल चंडालिया ने 30 उपवास पूर्ण किए। वहीं नितेश प्रकाशचंद्र संघवी ने 36 तथा प्रणय विजय संघवी ने 31 उपवास की तप आराधना पूर्ण की।
तपस्वियों का किया बहुमान
नवरत्न तपस्वियों के अनुमोदनार्थ आयोजित कार्यक्रम में श्रावक-श्राविकाओं ने तप से तप की बोली में बढ़-चढ़कर सहभागिता की। पारणा से पूर्व श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रीसंघ अध्यक्ष राजेश सियाल एवं संघ पदाधिकारियों ने तपस्वियों का अभिनंदन पत्र एवं शाल ओढ़ाकर बहुमान किया। अणु महिला मंडल, बाहर से आए श्रीसंघों तथा परिजनों द्वारा भी तपस्वियों का अलग-अलग बहुमान किया गया।
सिद्धि तप और वर्षीतप की आराधना भी जारी
श्रीसंघ में निवी से सिद्धि तप की तपस्वी पायल प्रीतेश लोढ़ा की आठवीं लड़ी चल रही है। वहीं रतलाम निवासी श्रीमती मधुबाला श्रीपाल मांडोत ने भी सिद्धि तप की आठवीं लड़ी के प्रत्याख्यान ग्रहण किए।
सैलाना श्रीसंघ में 18 वर्षीतप भी गतिमान है, जिसमें 10 उपवास, एक तेले तथा सात एकासन से वर्षीतप की आराधना की जा रही है। इसके अलावा अखंड तेला तप निरंतर जारी है। वर्षावास के दौरान 16, 15, 11, 9 और 8 उपवास सहित अनेक तपस्याएं भी पूर्ण हो चुकी हैं।
विभिन्न शहरों से पहुंचे श्रद्धालु
पूज्या महासतियों के दर्शन एवं धर्मलाभ के लिए रतलाम, जावरा, लीमड़ी, पेटलावद, बदनावर, इंदौर सहित विभिन्न स्थानों से श्रीसंघ के श्रद्धालु सैलाना पहुंचे।
पूज्या महासतीजी ने प्रवचन के दौरान श्रावक-श्राविकाओं से पर्युषण महापर्व में हर घर अठ्ठाई और घर-घर अठ्ठाई का संकल्प लेने का आह्वान किया। अणु आराधना भवन पर महासतीजी के प्रवचन प्रतिदिन प्रातः 9 से 10 बजे तक हो रहे हैं।
Author: MP Headlines





