सड़क चौड़ीकरण की जद में आया करीब 160-170 साल पुराना मंदिर, भारी मशीनें भी नहीं हिला सकीं प्रतिमा; अब विशेषज्ञ करेंगे जांच
उज्जैन। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में चल रहे सड़क चौड़ीकरण के बीच आस्था और विकास से जुड़ा एक संवेदनशील मामला सामने आया है। कंठाल चौराहे से छत्री चौक तक सड़क चौड़ीकरण की जद में आए प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा को स्थानांतरित करने के लिए प्रशासन द्वारा किए गए प्रयास फिलहाल सफल नहीं हो सके हैं।

बताया जा रहा है कि पिछले चार दिनों में प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से हटाकर दूसरी जगह स्थापित करने के लिए चार बार प्रयास किए गए, लेकिन भारी मशीनरी और तकनीकी प्रयासों के बावजूद प्रतिमा अपनी जगह से नहीं हिली। इसके बाद फिलहाल भारी मशीनों का इस्तेमाल रोक दिया गया है। अब प्रतिमा और उसके आधार की स्थिति को समझने के लिए विशेषज्ञों से स्कैनिंग और तकनीकी जांच कराने की तैयारी है।
मंदिर का ढांचा हटाया, प्रतिमा जस की तस
सड़क चौड़ीकरण के लिए मंदिर के गर्भगृह और मुख्य ढांचे को हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है। हालांकि, प्राचीन प्रतिमा को सुरक्षित रखने के लिए उसे फिलहाल कैनोपी के नीचे रखा गया है। प्रतिमा को किसी भी प्रकार की क्षति न पहुंचे, इसे लेकर श्रद्धालुओं में चिंता बनी हुई है।
1857 से जुड़ा बताया जाता है इतिहास
मंदिर से जुड़े लोगों के अनुसार खड़े हनुमान मंदिर का इतिहास करीब 160 से 170 वर्ष पुराना है और इसके संबंध में वर्ष 1857 से जुड़े पुराने दस्तावेज होने का दावा किया गया है। पांच पीढ़ियों से एक ही परिवार द्वारा मंदिर की सेवा किए जाने की बात भी सामने आई है।
प्रतिमा को नुकसान की आशंका ने बढ़ाई चिंता
पुरातत्व विभाग की ओर से भी इतनी पुरानी प्रतिमा को स्थानांतरित करने के दौरान दरार आने अथवा प्रतिमा के क्षतिग्रस्त होने की आशंका जताए जाने की खबरें सामने आई हैं। इसी के चलते मंदिर से जुड़े लोगों और श्रद्धालुओं ने प्रतिमा की सुरक्षा को लेकर प्रशासन से सावधानी बरतने की मांग की है।
विकास बनाम आस्था का सवाल
प्रशासन की ओर से सड़क चौड़ीकरण को शहर की यातायात व्यवस्था और आगामी सिंहस्थ की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। दूसरी ओर, श्रद्धालुओं के लिए यह केवल एक निर्माणाधीन मंदिर नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी आस्था और धार्मिक विरासत का केंद्र है।
अब सबकी नजर विशेषज्ञों की तकनीकी जांच पर है। सवाल यही है कि सड़क चौड़ीकरण का काम भी आगे बढ़े और सदियों पुरानी आस्था की निशानी को भी सुरक्षित रखा जा सके—क्या प्रशासन इसका कोई रास्ता निकाल पाएगा?
MPHeadlines विशेष रिपोर्ट | उज्जैन
Author: MP Headlines





