दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर पत्थरबाजी, चोरी और लूट की घटनाओं को लेकर पीएमओ को शिकायत,आवेदन भेजा

रतलाम के भाजपा कार्यकर्ता कचरू राठौड़ ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय, NHAI और गृह मंत्रालय को भेजा शिकायत-पत्र; राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा तंत्र मजबूत करने की मांग

रतलाम/सैलाना। दिल्ली-मुंबई 8-लेन एक्सप्रेसवे (NE-4) सहित देश के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा तथा राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली कथित घटनाओं को लेकर रतलाम के भाजपा कार्यकर्ता कचरू राठौड़ ने प्रधानमंत्री कार्यालय सहित केंद्र सरकार के संबंधित विभागों को शिकायत-पत्र भेजा है। शिकायत में एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों पर चोरी, तोड़फोड़, पत्थरबाजी तथा लूटपाट की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है।

राठौड़ ने प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) तथा गृह मंत्रालय को भेजे पत्र में कहा है कि देश में तेजी से विकसित हो रहा एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क आर्थिक गतिविधियों, व्यापार तथा आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। ऐसे में इन मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा और सड़क से जुड़े सुरक्षा उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है।

सुरक्षा उपकरणों की चोरी और तोड़फोड़ का उल्लेख
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ स्थानों पर एक्सप्रेसवे से मेटल बीम क्रैश बैरियर, एंटी-ग्लेयर बोर्ड, सोलर ब्लिंकर लाइट, CCTV कैमरे, सुरक्षा फेंसिंग तथा रोड स्टड्स जैसे सुरक्षा उपकरणों को काटकर चोरी किए जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। पत्र में कहा गया है कि फेंसिंग क्षतिग्रस्त होने से आवारा मवेशियों के एक्सप्रेसवे पर पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे तेज गति से चलने वाले वाहनों के लिए दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

चलते वाहनों पर पत्थरबाजी को बताया गंभीर सुरक्षा चिंता
शिकायत में ओवरब्रिज, पैदल पारपथ और सुनसान स्थानों से तेज रफ्तार वाहनों पर पत्थर फेंके जाने की घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है। राठौड़ ने रतलाम सहित विभिन्न क्षेत्रों में वाहनों के शीशे टूटने और यात्रियों के घायल होने की घटनाओं का हवाला देते हुए ऐसी घटनाओं पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।

रात में रुकने वाले यात्रियों और ट्रकों की सुरक्षा का मुद्दा
पत्र में रात के समय टायर पंचर, वाहन खराब होने अथवा अन्य आपात परिस्थितियों में सड़क किनारे रुकने वाले यात्रियों और मालवाहक वाहनों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है। शिकायत में कथित रूप से लूटपाट की घटनाओं पर रोक लगाने तथा संवेदनशील स्थानों पर नियमित पुलिस एवं हाईवे पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग की गई है।

राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
कचरू राठौड़ ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे सहित प्रमुख एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे पर 24 घंटे समर्पित सुरक्षा गश्त व्यवस्था लागू करने की मांग की है। इसके साथ ही प्रत्येक 10 से 15 किलोमीटर के अंतराल पर हाईवे पेट्रोलिंग वाहन उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया है।

उन्होंने एक्सप्रेसवे के महत्वपूर्ण हिस्सों में हाई-डेफिनिशन एवं नाइट-विजन CCTV कैमरे लगाने तथा तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था विकसित करने की मांग भी की है। शिकायत में संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक और कमांड सेंटर की व्यवस्था का सुझाव दिया गया है।
फेंसिंग की तत्काल मरम्मत और आपातकालीन रिस्पॉन्स पर जोर

शिकायत में क्षतिग्रस्त सुरक्षा फेंसिंग की तत्काल मरम्मत कराने तथा राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और चोरी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही NHAI हेल्पलाइन 1033 और राष्ट्रीय आपातकालीन नंबर 112 पर मिलने वाली सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग रखी गई है।

राठौड़ ने केंद्र सरकार, NHAI और संबंधित राज्य पुलिस प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर एक्सप्रेसवे सुरक्षा के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने का आग्रह किया है। शिकायत की प्रतिलिपि मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक, उज्जैन/रतलाम रेंज के पुलिस अधिकारियों, रतलाम कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक तथा संबंधित NHAI परियोजना अधिकारियों को भी भेजी गई है।

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Author: MP Headlines