सैलाना में जन्माष्टमी का जश्न, ग्वाल टोलियों ने मटकियां उतारीं

नगर में कई बच्चें श्री कृष्ण के  बाल्य काल स्वरूप में नगर मंदिरों में दिखे

सैलाना। सैलाना नगर में  जन्माष्टमी का पर्व बड़े उत्साह व हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। नगर में कई बच्चें श्री कृष्ण के  बाल्य काल स्वरूप में नगर मंदिरों में दिखे, पावन पर्व पर नगर के मंदिरों में दर्शन के लिए भक्तों का ताता लगा रहा। मंदिरों को आकर्षक सुसज्जित लाइटिंग से सजाया गया था।

मंदिरों में पूजा-अर्चना और भजन

नगर के मंदिरों में सुबह से ही पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन हुए, जो रात 12 बजे तक चलते रहे। जैसे ही रात 12 बजे मंदिरों में पट खुले, महाआरती और महाप्रसादी की गई।

ग्वाल टोलियों ने मटकियां उतारीं

नगर में अनेकों जगह मटकियां बंधी थीं, जिनको सैलाना क्षेत्र के आसपास के गांव से आए ग्वाल टोलियों ने नगर में बंधी मटकियों को कहीं पहले प्रयास तो कहीं दूसरे प्रयासों में मटकियां उतारीं। नगर में अनेक जगह मटकी फोड़ प्रतियोगिताएं भी हुईं, जिसका नगर की जनता ने लुत्फ उठाया।

श्री कृष्ण के बाल्यावस्था की शरारत व उपदेश

श्री कृष्ण के बचपन में, उनकी लीलाओं और शरारतों से जुड़े हैं, जो उन्हें एक साधारण बालक के रूप में प्रस्तुत करते हैं। हालांकि, उनकी दिव्य प्रकृति समय-समय पर प्रकट होती रही, जैसे कि मिट्टी खाते समय ब्रह्मांड का दर्शन, या माखन चुराने के बाद मासूमियत से इनकार करना.

बाल्यकाल में श्री कृष्ण की लीलाएं: माखन चोरी
कृष्ण अक्सर माखन चुराकर खाते थे, और जब यशोदा मैया उन्हें पकड़तीं, तो वे मासूमियत से इनकार करते थे, “मैंने माखन नहीं खाया, यह तो मेरे दोस्तों ने लगा दिया है”. मिट्टी खाना:
एक बार कृष्ण मिट्टी खा रहे थे, और जब यशोदा ने पूछा, तो उन्होंने इनकार किया, लेकिन जब उन्होंने मुंह खोला, तो यशोदा ने पूरा ब्रह्मांड देखा।

श्री कृष्ण के उपदेशों में से एक प्रमुख उपदेश है कि हमें अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए और अपने धर्म के अनुसार कार्य करना चाहिए। श्री कृष्ण ने गीता में कहा है कि “कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन” यानी हमें अपने कर्म पर ध्यान देना चाहिए, न कि उसके फल पर।

*जन्माष्टमी का महत्व*

जन्माष्टमी का पर्व भगवान श्री कृष्ण के जन्म की खुशी में मनाया जाता है। यह पर्व हमें भगवान श्री कृष्ण के जीवन और उनके उपदेशों को याद करने का अवसर प्रदान करता है। इस पर्व के दौरान, लोग भगवान श्री कृष्ण की भक्ति में लीन रहते हैं और उनके उपदेशों को अपने जीवन में उतारने का प्रयास करते हैं।

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Author: MP Headlines

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