सैलाना/सरवन। सैलाना विकासखंड के ग्राम सरवन के प्रतिभावान छात्र मयंक राठौड़ ने अपनी मेहनत और लगन से एमबीबीएस के लिए चयनित होकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मयंक ने अपनी हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी की शिक्षा रतलाम के उत्कृष्ट विद्यालय सागोद रोड से प्राप्त की और अब भोपाल के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई करेंगे।
मयंक की सफलता की कहानी
मयंक के पिता मनोज राठौड़ का 14 साल पहले निधन हो गया था, और उनकी मां ने उन्हें और उनके परिवार को संभाला। मयंक अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां और दादी के संस्कार और गुरुजनों के मार्गदर्शन को देते हैं। वह एक गरीब परिवार से आने के बावजूद अपनी मेहनत और लगन से इस मुकाम तक पहुंचे हैं।
डॉक्टर बनने की इच्छा
मयंक की इच्छा डॉक्टर बनने के बाद ग्रामीण अंचल में मरीजों की सेवा करने की है। वह कहते हैं कि इलाज के अभाव में कोई भी इंसान स्वर्ग सिधार जाए, यह ठीक नहीं है। देश और प्रदेश के हर क्षेत्र में चिकित्सक और जरूरी संसाधनों की सुविधा होनी चाहिए। मयंक कोशिश करेंगे कि अपने पेशे से पूरी ईमानदारी रखें और मरीजों की हर संभव सेवा करें।
मयंक राठौड़ की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार और गांव में खुशी की लहर है, बल्कि यह साबित करता है कि प्रतिभा किसी निजी स्कूल की मोहताज नहीं होती। सरकारी स्कूलों में भी छात्रों को उत्कृष्ट शिक्षा मिल सकती है और वे अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं ।

Author: MP Headlines



